- वाहन चोरी के मामले में तीन आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज हुई थी प्राथमिकी
- विवेचना के दौरान सहजनवां के बरईपार निवासी ओमकार जायसवाल गिरफ्तार
- जिला मजिस्ट्रेट से अनुमोदित गैंग चार्ट के आधार पर हुई थी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। वाहन चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कैंट पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के मामले की विवेचना के दौरान एक गुर्गे को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सहजनवां थाना क्षेत्र के बरईपार निवासी ओमकार जायसवाल के रूप में हुई है। पुलिस ने वाहन चोरी के आरोप में गिरोह के सरगना राम आशीष चौहान उर्फ प्रधान और उसके दो गुर्गों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। अब एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अन्य की तलाश तेज कर दी गई है।
सीओ कैंट अरुण कुमार यश के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट से गैंग चार्ट अनुमोदित होने के बाद कैंट थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस का आरोप है कि गिरोह का सरगना अपने गुर्गों के साथ मिलकर वाहन चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देता था। संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना गीडा थाना क्षेत्र के जुड़ियान निवासी राम आशीष चौहान उर्फ प्रधान है। उसके साथ चिलुआताल थाना क्षेत्र के मोहरीपुर निवासी ऋषिकेश यादव उर्फ कोइल और बरईपार निवासी ओमकार जायसवाल को भी आरोपी बनाया गया है। ऋषिकेश यादव मूलरूप से बेलीपार थाना क्षेत्र के कनइल गांव का निवासी है।
पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए आपराधिक इतिहास के मुताबिक, राम आशीष चौहान के खिलाफ कैंट, गीडा, सहजनवां और हरपुर बुदहट थानों में वाहन चोरी समेत विभिन्न धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2018 में भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट के तहत भी प्राथमिकी दर्ज है।
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ऋषिकेश पर भी दर्ज हैं गंभीर मामले
पुलिस के अनुसार, ऋषिकेश यादव उर्फ कोइल के खिलाफ कैंट, राजघाट, सहजनवां, शाहपुर और बेलीपार थानों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। वहीं, ओमकार जायसवाल के खिलाफ कैंट थाने में वाहन चोरी से संबंधित दो मामलों का उल्लेख है। सीओ कैंट ने बताया कि संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की विवेचना के दौरान ओमकार जायसवाल की गिरफ्तारी की गई है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।