उत्तर प्रदेश के मऊ का रहने वाला एक युवक शहर में नौकरी के लिए आया था। युवक को नौकरी तो नहीं मिली लेकिन कोरोना का संदिग्ध बताकर उसे पुलिस ने अस्पताल जरूर भिजवा दिया।
पुलिस के डर की वजह से युवक बिना कुछ कहे एंबुलेंस से इलाज के लिए अस्पताल भी आ गया। जांच के दौरान पूरी तरह से स्वस्थ्य निकला। जानकारी पर सीएमओ ने युवक को रैन बसेरे में रहने के लिए भिजवाया है। मऊ का रहने वाला एक युवक 21 मार्च को गोरखपुर के एक होटल में नौकरी के लिए आया था। उस दिन बात नहीं बनी अगले दिन जनता कर्फ्यू हो गया।
इसके बाद 23 मार्च से लॉकडाउन में युवक फंस गया और उसके पास जाने के रुपये तक नहीं। शुक्रवार को वह शहर में घूम रहा था। पुलिस की नजर पड़ी तो पूछताछ शुरू किया। जैसे ही युवक ने मऊ का जिक्र किया तो पुलिसकर्मियों ने 108 नंबर एंबुलेंस पर फोन करके यह सूचना दी कि कोरोना का मरीज घूम रहा है।
सूचना पर आनन-फानन पर एंबुलेंस कर्मी पीपीई किट पहनकर पहुंचे और जांच के लिए जिला अस्पताल लेकर गए। जहां पर जांच के दौरान युवक को कोई भी बीमारी नहीं मिली। इस पर लोगों ने राहत की सांस ली और इसकी सूचना सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी को दी।
सीएमओ ने युवक के रहने और खाने की व्यवस्था कराते हुए उसे रैन बसेरे में भेजवाया। युवक ने बताया कि बिना बात के पुलिस ने जांच के लिए एंबुलेंस से भेजवा दिया। पुलिस की डर की वजह से मजबूरन आना पड़ा।