गौर। सरैया तिवारी गांव में दो दिन पहले हुई मारपीट के मामले में घायल युवक को समुचित इलाज नहीं मिला। पुलिस उसे लेकर गौर और हर्रैया सीएचसी का चक्कर लगाती रही। देर शाम सीएमओ के हस्तक्षेप के बाद गौर सीएचसी पर इलाज और मेडिकल हुआ।
गौर क्षेत्र के ग्राम सभा सरैया तिवारी निवासी बृजलाल ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके और पटीदार के बच्चों के बीच में सीढ़ी पर चढ़ने को लेकर विवाद हो गया। कहासुनी के बाद बात इतना बढ़ गई कि दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। बृजलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पुष्पा, जयकरन और संगीता के खिलाफ केस दर्ज किया।
घायल बृजलाल को इलाज के लिए जब गौर पुलिस सीएचसी पर ले गई तो वहां के सीएचसी अधीक्षक डॉ. जेपी कुशवाहा ने यह कहकर लौटा दिया कि युवक का गांव हर्रैया ब्लॉक में पड़ता है। ऐसे में इनका इलाज और मेडिकल हर्रैया सीएचसी पर होगा। जब पुलिस घायल युवक को लेकर हर्रैया पहुंची तो वहां के डॉक्टरों ने कहा कि इनका केस गौर थाने में पंजीकृत हुआ है और इनका इलाज और मेडिकल गौर सीएचसी पर होगा।
प्रभारी निरीक्षक गौर परमाशंकर यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ को घटना को लेकर अवगत कराया। उसके बाद देर रात गौर सीएचसी पर इलाज और मेडिकल हुआ।