पुलिस मुठभेड़ से पहले विपिन ने झुंगिया निवासी प्रापर्टी डीलर आशीष प्रजापति और उसके साथी अरुण निषाद पर फायरिंग की थी। यह दोनों तो बच गए पर अरुण के भाई दीपू तथा आदित्य नाम के एक बच्चे को गोली लग गई थी। अंतिम संस्कार की खबर मिलने के बाद गोरखपुर से दर्जन भर लोग सरयू तट पर अंत्येष्टि में शामिल हुए थे।
पुलिस को पता चला है कि विपिन के एक रिश्तेदार ने उसके नाम का काफी फायदा उठाया है। उधर, राकेश यादव और उसके गैंग में शामिल लोगों की तलाश भी जारी है। पुलिस का टारगेट है कि जल्द से जल्द राकेश तथा उसके साथियों को पकड़ा जाए।
इस संबंध में सीओ प्रवीण सिंह ने बताया कि अंत्येष्टि में शामिल होने गए गोरखपुर के 43 लोगों को चिन्हित कर लिया गया है। वहीं लखनऊ से आए 18 लोगों की जांच की जा रही है।