गोरखपुर। शाहपुर मां-बेटी हत्याकांड में सुराग न मिलने से परेशान पुलिस अब आसपास के युवकों पर लगातार दबाव बना रही है। मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया है कि पुलिस उनकी कॉलोनी के सात युवकों को हर दिन थाने ले जाकर घंटों तक बिठा रही है। पूछताछ के नाम पर मारपीट कर रही है और यह कहने को बाध्य कर रही है कि हत्याकांड उन्होंने ही किया है। इन आरोपों से पूरे इलाके में दहशत फैली है और लोग मानसिक रूप से टूटने लगे हैं। स्थानीय थाने की शिकायत लेकर शुक्रवार को 24 से अधिक महिलाएं पुलिस ऑफिस पहुंचकर एसपी सिटी से गुहार लगाई। इसके बाद सभी युवकों को थाने से छोड़ दिया गया।
मोहल्ले की महिलाओं ने बताया कि दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस बार-बार उनके बच्चों को उठा ले जा रही है। दिनभर थाने में रखा जाता है, रात में छोड़ा जाता है, फिर अगले दिन वही प्रक्रिया शुरू हो जाती है। परिजनों का कहना है कि पुलिस का यह रवैया उन्हें बेहद परेशान कर रहा है और बच्चों की मानसिक स्थिति बिगड़ गई है।
एक बुजुर्ग निवासी ने कहा कि हमारी कॉलोनी में पहले भी एक हत्या हुई थी, उस मामले में भी पुलिस ने कई बच्चों को प्रताड़ित किया था। अब इस हत्या में फिर वही सिलसिला दोहराया जा रहा है। हमें डर है कि कहीं बच्चे तनाव में आत्महत्या न कर लें। महिलाओं ने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष प्रतिदिन मोहल्ले में आकर धमकाते हैं और पूछताछ के नाम पर पूरे परिवारों को परेशान कर रहे हैं। हम महिलाओं की स्थिति बेहद खराब हो गई है। अगर यही स्थिति रही तो हम भी आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे।
इस संबंध में एसपी सिटी का कहना है कि हत्या जैसी गंभीर वारदात में हर बिंदु की जांच जरूरी है। युवकों से पूछताछ की जा रही है। मारपीट और जबरन बयान दिलाने के आरोप गलत है।