पुलिस की कार्यप्रणाली पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं कि उसने न तो युवती का मेडिकल कराया और न ही जिन लोगों ने उसे निजी अस्पताल के सामने फेंकते देखा था, उनसे पूछताछ ही की है। पुलिस का पूरा जोर वारदात को झूठा साबित करने में ही लगा है।
ये सवाल भी पहेली बने
- क्या तहरीर नहीं मिलने पर वारदात के बाद कार्रवाई नहीं की जाएगी?
- घटना लड़की के साथ हुई तो फिर पिता के बयान से पुलिस कैसे संतुष्ट हो गई?
- युवती मानसिक रोगी है या नहीं, इसकी जांच क्यों नहीं कराई जा रही है?
- भटहट में कुछ लोगों ने लड़की को फेंकते देखा था, वह झूठ क्यों बोलेंगे?
- क्या पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे को देखा या उसे जांच के दायरे में लाया?
- युवती को मेडिकल कॉलेज से घरवाले कैसे लेकर चले गए ?
- युवती का इलाज करने वाले डाक्टरों का बयान क्यों नहीं लिया गया?
पुलिस का कहना है कि मामले में तहरीर नहीं दी, यानी बड़ी से बड़ी वारदात होने के बाद अगर पुलिस को किसी के डर व या दबाव में तहरीर नहीं मिलती है तो वह कार्रवाई नहीं करेगी? ऐसे में सवाल उठता है कि क्या तहरीर नहीं मिलने पर पुलिस कार्रवाई से बच जाएगी और घटनाएं होती रहेंगी?
एडीजी जोन दावा शेरपा ने बताया कि कई बार डर वश लोग तहरीर नहीं दे पाते हैं। इस मामले में यदि तहरीर नहीं मिली है तो पुलिस केस दर्ज कराएगी और पीड़िता का मेडिकल कराया जाएगा ताकि सच सामने आ सके।
यह है मामला
गुलरिहा इलाके के भटहट कस्बा के कुछ लोगों ने मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना दी थी कि एक निजी अस्पताल के बाहर कुछ लोग अर्द्धनग्न हालत में युवती को फेंक कर चले गए हैं। पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को कपड़ा देने के साथ उसे अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर युवती को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के गायनी विभाग में दिखाया गया। फिर आशा ज्योति केंद्र में रखने के साथ ही गुलरिहा पुलिस ने श्यामदेउरवा का मामला होने की वजह से वहां की पुलिस को सूचना दी थी।
सूचना पर वहां की पुलिस आई और शाम को युवती को साथ ले गई। इससे पहले युवती ने पुलिस को जो बयान दिया था, उसमें सामूहिक दुष्कर्म की बात कही थी, लेकिन पिता ने बताया कि मानसिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वह ऐसा बोल रही है। उधर, महराजगंज पुलिस का कहना है कि पिता ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिली होती तो केस दर्ज कर युवती की चिकित्सीय जांच कराई जाती।
श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष विजय राज ने बताया कि युवती के घर जाकर जांच पड़ताल की गई है। युवती के पिता कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं। उनकी ओर से कोई तहरीर भी नहीं दी गई है। मामले में किसी भी प्रकार के अपराध होने की पुष्टि नहीं हो रही है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि इस प्रकरण में महराजगंज पुलिस से भी संपर्क किया गया। पिता ने ऐसी कोई भी घटना होने से इनकार किया है। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से वह कुछ भी साफ साफ नहीं बता पा रही है। जांच में भी घटना का होना नहीं पाया गया है।