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लॉकडाउन के दौरान जन्मदिन की पार्टी नहीं बल्कि इस वजह से जुटी थी भीड़, यहां शामिल हर शख्स को हो सकती है ये सजा

Fri, 17 Apr 2020 04:32 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना वायरस की चुनौती के बीच सराफा रेजिडेंसी में बुधवार को पार्टी का आयोजन मैदा व्यवसायी अरुण अग्रवाल ने नहीं, बल्कि सीए (चार्टेड एकाउंटेंट) और सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष कश्यप अग्रवाल ने किया था। पुलिस ने देर रात कश्यप अग्रवाल के खिलाफ संक्रमण फैलाने का जरिया बनने और लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। दोष सिद्ध होने पर उन्हें इस मामले में दो साल तक की सजा हो सकती है।

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जानकारी के मुताबिक कश्यप अग्रवाल ने पार्टी का आयोजन अपनी शादी की सालगिरह पर किया था। इसकी पुष्टि इंस्पेक्टर कैंट रवि राय ने की। कोरोना से बचने के लिए सामाजिक दूरी, मुंह पर मॉस्क लगाने जैसे बाध्यकारी निर्देशों की इस पार्टी में खुलेआम अवहेलना की गई थी।  

इंस्पेक्टर राय ने कहा कि इस मामले में अरुण अग्रवाल समेत पार्टी में शामिल तमाम लोग जांच के दायरे में हैं। पार्टी में मौजूद अन्य लोगों की पहचान वीडियो और फोटो के जरिए की जा रही है। इस पार्टी की फोटो और वीडियो वायरल होने पर पुलिस-प्रशासन को बुधवार की रात को इसकी जानकारी मिली थी।

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पार्टी में शामिल सभी के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई

जब वे मौके पर पहुंचे तो काफी पूछताछ के बाद बताया गया कि पार्टी रेजिडेंसी में रहने वाले अरुण अग्रवाल ने की थी। परिवार के किसी व्यक्ति का बर्थडे सेलीब्रेट करने की लिए पार्टी का आयोजन किया गया था। हालांकि आगे की जांच में यह सूचना गलत साबित हुई।

खबर है कि पहले तो सबने दो टूक इनकार कर दिया था कि यहां कोई पार्टी ही नहीं हुई। वायरल फोटो और वीडियो को भी किसी पुरानी पार्टी का बता दिया था। बाद में पुलिस और तहसीलदार के खंगालने पर कुछ सही तथ्य सामने आए, बाकी देर रात तक की माथापच्ची के बाद वास्तविकता सामने आ गई कि पार्टी का आयोजन कश्यप अग्रवाल की ओर से किया गया था।  

जो भी लोग पार्टी में शामिल थे, उन सभी के खिलाफ संक्रमण फैलाने के लिए जरिया बनने, लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा-269,270 और 188 के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इन धाराओं में दो साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।  
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पुलिस को किया गुमराह, यह बताया गया था

पुलिस के जाने पर वहां पर मौजूद संभ्रात लोगों ने बताया था कि अरुण अग्रवाल मैदा के कारोबारी हैं और उनके परिवार के किसी सदस्य का जन्मदिन था। उन्हीं ने पार्टी का आयोजन कराया था। सबका बही खाता रखने वाले सीए कश्यप अग्रवाल का नाम बड़े सलीके से बचा लिया गया था, लेकिन पुलिस की जांच में सब कुछ उजागर हो गया।

एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने कहा- कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन जैसे बड़े कदम उठाए गए हैं। इस तरह से पार्टी का आयोजन करना कानून के साथ सामाजिक रूप से ठीक नहीं है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सराफा रेजिडेंसी के कश्यप अग्रवाल ने बताया कि मेरी शादी की सालगिरह थी और किसी एक व्यक्ति का बर्थ डे था। रेजिडेंसी के कुछ लोगों ने मिल कर कार्यक्रम रख दिया। ऐसे समय में कार्यक्रम रखना गलत है। इसका एहसास सबको है।
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