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क्वारंटीन सेंटर में लोगों ने खाना खाने से किया इनकार, तो दर्ज हुई एफआईआर, जानें क्या है वजह

Mon, 06 Apr 2020 09:45 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, भानपुर/सोनहा(बस्ती)।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना ने भले ही देश की सीमाओं को तोड़कर पूरे विश्व में महामारी का रूप ले लिया हो लेकिन इससे बचाव के लिए क्वारंटीन में रखे लोग अब भी जाति और धर्म के बंधन में जकड़े हुए हैं। कहीं कोई स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्रता कर रहा है तो कोई खाने-पीने से इनकार कर रहा है।

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ऐसा ही एक मामला रविवार को बस्ती के एक क्वारंटीन सेंटर में सामने आया। यहां रखे गए लोगों ने रसोइये के हाथ से बना खाना खाने से इनकार कर दिया। वजह है रसोइये का अनुसूचित जाति का होना। पुलिस ने इनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

मामला सिसवा बरुआर के विद्यालय में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर से जुड़ा है। यहां बाहर से आए लोगों को रखा गया है। भोजन बनाने के लिए एक महिला रसोइये का इंतजाम किया गया है। रसोइया अनुसूचित जाति की है। इस वजह से क्वारंटीन में रह रहे लोगों ने भोजन करने से इनकार कर दिया है।
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बहुत समझाने के बाद भी जब वे नहीं माने तो प्रधान प्रतिनिधि राकेश कुमार ने सोनहा पुलिस को तहरीर देकर क्वारंटीन में रखे गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी के खिलाफ धारा 188 व 269 के तहत केस दर्ज कर लिया है। तहसीलदार केशरी नंदन तिवारी ने बताया कि सिसवा बरूआर क्वारंटीन में रखे गए लोगों को वहां से शिफ्ट कर दिया गया है।

अब उन्हें भानपुर के सावित्री विद्या विहार विद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। क्वारंटीन में रखे गए लोगों में सत्यराम, रविशंकर, राजू, राजेश, मनमोहन, जग प्रसाद, दिलीप कुमार, राम प्रबल यादव, शिव कुमार व नितराम शामिल हैं।
 
एसडीएम आशाराम वर्मा ने बताया- क्वारंटीन में रखे गए लोगों का कहना है कि कोरोना के संक्रमण के भय से वे किसी और के हाथ का बना खाना नहीं खाना चाहते। वे अपने घर का बना भोजन करना चाहते हैं। व्यवस्था में अवरोध उत्पन्न करने के आरोप में इन सभी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

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