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Gorakhpur News: पशु तस्करों के शक में पुलिस ने पीछा किया...गाड़ी पलटने से मरे युवक-युवती सिवान के

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देवरिया के गौरीबाजार में बिजली के खंभे और ट्रॉली से टकराकर पलट गई थी गाड़ी
पुलिस युवक-युवती के पशु तस्करों से कनेक्शन की कर रही जांच



बिहार के सिवान के रहने वाले थे हादसे में जान गंवाने वाले, घायल युवक जीरादेई का



अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। पशु तस्करों के शक में पुलिस ने शुक्रवार देर रात जिस लग्जरी गाड़ी का पीछा किया, वह देवरिया के गौरीबाजार में बिजली के खंभे और ट्रॉली से टकरा कर हादसे का शिकार हो गई। पता चला कि उसपर सभी लोग बिहार के रहने वाले हैं। हादसे में बिहार के सिवान, सिसवन मुड़ा निवासी मनीषा यादव (20) और हुसैनगंज करनू निवासी अमित कुमार गोंड (22) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सिवान के जीरादेई सैंसा खाल निवासी ब्रजेश यादव (25) गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल ब्रजेश के मुताबिक, तीनों गोरखपुर घूमने आए थे और वापस जा रहे थे। उधर, पुलिस पशु तस्करों से उनके कनेक्शन को लेकर जांच कर रही है।



शुक्रवार को एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार को पशु तस्करों के शहर में आने की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने टीम संग चौरीचौरा थाना क्षेत्र के फुटहवा इनार तिराहा पर बैरिकेडिंग लगाकर तस्करों की घेराबंदी शुरू कर दी। तभी एक पिकअप तेजी से आते दिखाई दी। पुलिस टीम पिकअप को रुकवाकर उसपर सवार संतकबीरनगर के खलीलाबाद जंगल उन निवासी दिनेश से पूछताछ करने लगी। तभी तेज गति से आ रही एक सफेद रंग की लग्जरी गाड़ी को पुलिस ने रोकने की कोशिश की।
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इस पर चालक ने बैरिकेडिंग तोड़कर भागना शुरू कर दिया। उसके पीछे पिकअप में सवार तीन तस्कर भी भागने लगे। पुलिस टीम ने कंट्रोल रूम में सूचना देने के साथ ही देवरिया पुलिस को भी सूचना दी। इसके बाद उसका पीछा शुरू किया। इस बीच लग्जरी गाड़ी ने सतहवां पर लगे बैरिकेडिंग और पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारा और भागने लगी। देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के रामपुर चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाई थी, लेकिन लग्जरी गाड़ी पेट्रोल पंप के पास अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे और ट्रॉली से टकरा गई। लग्जरी गाड़ी पलट गई और उसके परखच्चे उड़ गए।



हादसे में बिहार के सिवान सिसवन मुड़ा निवासी मनीषा यादव और बिहार के हुसैनगंज करनू निवासी अमित कुमार गोंड की मौके पर ही मौत हो गई। सिवान के जीरादेई सैंसा खाल निवासी ब्रजेश यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। फिलहाल किसी से मिलने की अनुमति नहीं दी गई है।



उधर, हादसे की सूचना पर शनिवार को मेडिकल काॅलेज पहुंचे परिजनों ने पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर वाहन चालक कुछ गलत नहीं कर रहा था तो इतनी तेज गति में पीछा क्यों किया गया। परिवार का आरोप है कि पुलिस की घेराबंदी और पीछा इस हादसे का कारण बनी।



वहीं पुलिस का दावा है कि लग्जरी गाड़ी में सवार संदिग्ध पशु तस्कर के साथी थे और वाहन भागते समय बैरिकेडिंग तोड़ी गई। अधिकारियों का कहना है कि तेज गति में वाहन चलाना और बैरिकेडिंग तोड़ना हादसे का प्रमुख कारण बना।



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शराब और भय ने बढ़ाई रफ्तार



सूत्रों के अनुसार, लग्जरी गाड़ी सवार ब्रजेश यादव शराब के नशे में था और वाहन में एक युवती भी सवार थी। गाड़ी में शराब की बोतल भी पाई गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की गाड़ी देखकर भयभीत चालक ने तेज गति में भागना शुरू किया। इसी कारण पीछा बढ़ते ही वाहन की गति और इतनी बढ़ गई कि लग्जरी गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि यदि वाहन चालक भागने की कोशिश नहीं करते और पुलिस पीछा नहीं करती, तो यह हादसा नहीं होता। हालांकि पुलिस का दावा है कि यदि वह भागे नहीं होते तो संदिग्ध व्यवहार के कारण कार्रवाई नहीं हो पाती।
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पुलिस पर जानलेवा हमले और बैरिकेडिंग तोड़ने के आरोप में प्राथमिकी



पुलिस ने पिकअप और लग्जरी गाड़ी चालक पर पुलिस कार्य में बाधा डालने, कुचलने की कोशिश और बैरिकेडिंग तोड़ने का आरोप लगाते हुए चौरीचौरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार का दावा है कि हादसे में जान गंवाने वाले अगर अपराधी नहीं थे तो पुलिस टीम को देखकर बैरिकेडिंग तोड़ते हुए क्यों भागने लगे। पुलिस टीम ने जब उनका पीछा किया तो उन्हें रुक जाना चाहिए था। उधर, पुलिस पकड़े गए तस्कर से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में तस्कर ने अपने भागे साथियों के नाम भी बताए हैं। उनमें से एक गोरखपुर और दो खलीलाबाद के हैं। पुलिस हिरासत में लिए गए तस्कर के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रही है। यह पता करने में जुटी है कि कहीं हादसे में जान गंवाने वाले तस्करों के संपर्क में तो नहीं थे। कॉल डिटेल आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
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