उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के तिवारीपुर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान शातिर इनामी बदमाश महताब को गिरफ्तार कर लिया। जबकि उसका एक साथी मौका देखकर फरार हो गया। बदमाशों ने इस दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग भी की। पकड़े गए बदमाश पर लखनऊ पुलिस की ओर से पांच हजार का इनाम घोषित था।
महताब का एक गिरोह है, जिसमें चार सदस्य हैं। गिरोह के सदस्य लूट, चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ व सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार की सुबह आठ बजे तिवारीपुर एसओ सत्यप्रकाश सिंह को मुखबिर से सूचना मिली की शातिर बदमाश महताब अपने साथी के साथ चोरी की बाइक को लेकर नेपाल बेचने के लिए जा रहा है।
पुलिस टीम ने सूचना पर विश्वास कर डोमिनगढ़ में घेराबंदी कर दी। तभी दो युवक एक बाइक पर सवार होकर आते हुए दिखे। पुलिस ने उन्हें रोका तो वे टीम पर फायरिंग कर भागने लगे। खुद को बचाते हुए पुलिस टीम ने इलाहीबाग निवासी महताब को गिरफ्तार कर लिया। जबकि उसका एक साथी फरार हो गया।
पुलिस ने महताब के पास से एक तमंचा और दो बाइक बरामद किया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसओ के अलावा दरोगा शमशीर अहमद, पुष्पेंद्र द्विवेदी, सिपाही श्रीप्रकाश यादव, सुधीर वर्मा ओर आनंद किशोरी चौधरी शामिल रहे।
तिवारीपुर इलाके से 15 अप्रैल को की थी बाइक चोरी
बीते 15 अप्रैल को तिवारीपुर इलाके के इलाहीबाग मोहल्ले से एक बाइक चोरी हुई थी। केस दर्ज कर पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी को खंगाला तो उसमें बाइक चोरी कर ले जाते हुए महताब की तस्वीर कैद थी। जिसके बाद से ही पुलिस महताब की तलाश में थी। उसी चोरी की बाइक को लेकर महताब अपने साथी के साथ शुक्रवार को बेचने के लिए नेपाल जा रहा था। पूछताछ में महताब ने पुलिस को बताया कि वह चोरी की बाइकों को नेपाल ले जाकर बेचता है।
वर्ष 2014 में लखनऊ के कृष्णानगर में की थी लूट
पुलिस की पूछताछ में महताब ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ वर्ष 2014 में लखनऊ के कृष्णानगर में एक सर्राफ की दुकान पर लूट की घटना को अंजाम दिया था। जिसके बाद से ही वहां की पुलिस ने उसके ऊपर पांच हजार का इनाम घोषित कर रखा है।
महताब के खिलाफ राजघाट व तिवारीपुर थाने में वर्ष 2012, 2014, 2020 में लूट के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, सेवन सीएलए, आर्म्स एक्ट, चोरी, गैंगेस्टर सहित अन्य गंभीर आरोपों में 11 केस पहले से दर्ज हैं। लंबे समय से गोरखपुर और लखनऊ की पुलिस उसे तलाश कर रही थी। पकड़े जाने के डर से वह दिल्ली, हरियाणा और नेपाल में छिपकर रह रहा था।
गैंग के सदस्यों की तलाश में पुलिस
महताब ने बताया कि वह गैंग के सदस्यों के साथ अलग-अलग इलाकों में लूट व चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। उसने बताया कि उसके गैंग में तिवारीपुर के निजामपुर निवासी ओसामा उर्फ मनोज तिवारी, उन्नाव के सफीपुर निवासी रजनी सिंह उर्फ तनवी उर्फ ब्रोनिका उर्फ संंगीता उर्फ विक्की सिंह, बलरामपुर के पुरैनिया निवासी अकरम मलिक शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।