सोमवार 21 सितंबर को हुई घटना में शामिल दोनों गुट शुभम सिंह सिंघाड़ा और अविनाश सिंह के गुट से विनय के संबंध अच्छे हैं। पहले सभी एक साथ ही रहते थे लेकिन विवाद होने के बाद दो गुट बने मगर विनय का दोनों गुट में ही संबंध बरकरार है। उसने दोनों गुट में लीडर बनकर समझौता कराने की भी कोशिश की थी मगर बात बनने से पहले ही फायरिंग की घटना हो गई।
शुभम सिंह सिंघाड़ा ने दी थी कोर्ट में हाजिर होने की अर्जी
शरणदाताओं पर पुलिस की कार्रवाई के संदेश और पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए शुभम सिंह सिंघाड़ा के पास जिले में कोई ठिकाना नहीं बचा था। पुलिस से बचने के लिए कोर्ट में हाजिर होना चाहता था। सूत्रों के अनुसार उसने शुक्रवार को ही कोर्ट में अधिवक्ता के माध्यम से हाजिर होने की अर्जी दे दी थी मगर इसकी भनक लगते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई। कचहरी के आसपास पुलिस की सक्रियता की वजह से ही वह हाजिर नहीं हो पाया था। उधर, पॉशा रेस्त्रां के मैनेजर की तलाश में भी पुलिस की टीमें लगी हैं। पता चला है कि एक आरोपी इस समय लखनऊ में मौजूद है जिसकी तलाश में पुलिस टीम रवाना हो गई है।
विनय सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहता था। पुलिस सोशल मीडिया की मदद से उसके करीबियों की लिस्ट तैयार कर रही है। इसमें एक नाम पवन सिंह का सामने भी आ चुका है। पवन सिंह को इसके पहले पुलिस ने रंगदारी मांगने और अवैध असलहा रखने के मामले में जेल भी भेजा था। विनय के साथ जुड़े सभी आपराधिक छवि वालों पर पुलिस की नजर टेढ़ी हो गई है और किसी पर भी रहम के मूड में पुलिस नहीं है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार और एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ के साथ ही सीओ कैंट सुमित शुक्ला खुद ही इस पूरे प्रकरण की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। एसएसपी ने इस प्रकरण में एक बात और साफ कर दी है कि फरार आरोपितों को जिसने भी घर या होटल में शरण दी होगी, सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
एक घायल के लखनऊ में होने की सूचना
दोनों गुट के बीच हुई मारपीट में एक युवक घायल भी हुआ था। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह लखनऊ के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है लेकिन इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस की एक टीम उससे जानकारी लेने के लिए रवाना हो गई है। आरकेबीके के पास लगे कैमरे की सीसीटीवी फुटेज से युवक की पहचान हुई है।