उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने जहरखुरानी गिरोह के तीन बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। तीनों ने जिले में चार घटनाओं में शामिल होने की बात कबूली है। गोरखपुर के अलावा आजमगढ़, वाराणसी व अन्य जिलों में भी आरोपी इसी तरह की वारदात कर चुके हैं।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंकज निषाद निवासी लेदौरा गांव, अहिरवला थाना, आजमगढ़, अखिलेश पासवान निवासी बिलरियागंज, आजमगढ़ और रामअवतार निवासी अलौवा गांव, बियार, आजमगढ़ के रूप में हुई है। एसएसपी जोगेंद्र कुमार और एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए आरोपियों के बारे में जानकारी दी। अफसरों ने बताया कि आरोपी मदद के बहाने लोगों को अपनी कार में बैठा लेते थे। इसके बाद रास्ते में चाय या कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर दे देते थे। बेहोश होने के बाद पीड़ित को लूटकर फरार हो जाते थे।
बताया कि मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि जहरखुरानों का संगठित गिरोह मेडिकल कॉलेज के पास कोई वारदात करने वाला है। इस सूचना पर शाहपुर पुलिस और एसटीएफ की टीम ने असुरन के पास घेराबंदी कर ली थी। रात 1:30 बजे के करीब एक कार आती दिखाई दी।
पुलिस के रोकने का इशारा करते ही बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागना शुरू कर दिया लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को दबोच लिया। आरोपियों के पास से तलाशी के दौरान दो तमंचा, एक खोखा, कारतूस, एक फर्जी आधार कार्ड, नशीली गोलियां, पाउडर, लूट के ग्यारह मोबाइल, सोने की अंगूठी बरामद हुई है।
पुलिस ने दर्ज किए सात मुकदमे
आरोपियों पर पुलिस पर हमला करने के मामले में हत्या की कोशिश, फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने, आर्म्स एक्ट के दो, एनडीपीएस के तीन मुकदमे शाहपुर थाने में दर्ज किए गए हैं।
कार पर थी फर्जी नंबर प्लेट
आरोपियों के पास से बरामद कार रामअवतार के भाई के नाम से है मगर उस पर जो नंबर प्लेट लगाई गई थी फर्जी निकली। यही वजह है कि अगर वारदात के बाद कोई इनकी हरकत पर शक कर नंबर देख भी लेता तो पकड़ पाना आसान नहीं था।
एक वारदात के बाद बदल देते थे जिला
आरोपी किसी भी जिले में एक साथ कई वारदात नहीं करते थे। गोरखपुर में एक वारदात के बाद ये फिर कुशीनगर या फिर दूसरे जिले में चले जाते थे। वहां से वारदात के बाद फिर जिला बदल देते थे। एक जिले में दो या उससे अधिक वारदात तो करते थे लेकिन एक साथ नहीं करते थे।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में ये थे शामिल
गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसटीएफ गोरखपुर यूनिट के निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, प्रभारी निरीक्षक शाहपुर सुधीर सिंह, उप निरीक्षक सूरज नाथ सिंह, आलोक राय, नौसड़ चौकी इंचार्ज दीपक सिंह, हेड कांस्टेबल यशवंत सिंह शामिल रहे।