प्रधानों के नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘प्रेरक’ पत्र मंगलवार से पहुंचाया जाने लगा है। डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने सभी एडीओ पंचायत और सचिवों को पत्र सौंपते हुए उन्हें प्रधानों तक पहुंचाने का निर्देश दिया। दोपहर बाद प्रधानों तक पत्र पहुंचने भी लगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्राम प्रधानों को व्यक्तिगत पत्र लिख ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के संकट पर चर्चा करने के साथ ही निरोग रहने के लिए योग की महत्ता का भी जिक्र किया है। उन्होंने अपने पत्र में आने वाले मानसून के दौरान भारी मात्रा में जल संरक्षण करने के लिए कहा है।
पत्र की शुरुआत कुछ ऐसे है कि, प्रिय सरपंच जी, नमस्कार (नमस्ते)। मुझे आशा है कि आप और मेरे पंचायत के सभी भाई-बहन स्वस्थ होंगे। बारिश का मौसम लगभग शुरू होने वाला है। हम भगवान के आभारी हैं कि हम इतने वर्षा के पानी से धन्य हैं। हमें इस आशीर्वाद (पानी) के संरक्षण के लिए सभी प्रयास और व्यवस्था करनी चाहिए।
पत्र में पीएम मोदी ने चेकडैम और तालाबों के निर्माण का भी सुझाव दिया है, जहां वर्षा जल को संरक्षित किया जा सके। पीएम ने अपने एक पेज के पत्र में ग्राम प्रधानों से विशेष अनुरोध किया है कि वे ग्राम सभा की बैठक बुलाएं, जिसमें उनके संदेश को जोर से पढ़ा जाए।
पत्र में ग्राम स्वराज एवं गरीब कल्याण, आशा का सामर्थ्य, मानवता के लिए योग, 8वें योग दिवस को बनाए खास, स्वच्छ भारत की निरंतरता और शत प्रतिशत सशक्तीकरण का सामूहिक संकल्प जैसे सात बिंदुओं पर पीएम ने चर्चा की है।