बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में ब्लड की कमी हो गई है। इससे मरीजों के तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है। प्रतिमाह करीब 700 यूनिट का खर्च है। इसके सापेक्ष 50 प्रतिशत ब्लड ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन को मिल पा रहा है। ऐसे में ब्लड बैंक प्रशासन ने स्वयंसेवी संस्थाओं से रक्तदान की अपील की है।
मेडिकल कॉलेज में जननी सुरक्षा योजना, कैदी, थैलेसीमिया, कैंसर और एचआईवी के मरीजों को बिना रक्तदाता के ही निशुल्क ब्लड उपलब्ध कराया जाता है। हर महीने इस तरह के 100 से 150 मरीज आते हैं। ऐसे में अक्सर ब्लड की कमी हो जाती है। ब्लड बैंक में ए, एबी निगेटिव के ब्लड की बहुत मारामारी रहती है। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. राजेश कुमार राय ने बताया कि प्रति माह मेडिकल कॉलेज में 700 यूनिट का खर्च है। कभी-कभी यह यूनिट बढ़ भी जाता है।
लेकिन इसके सापेक्ष ब्लड कम मिल रहा है। इसके बाद भी मरीजों को हर हाल में ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वयं सेवी संस्थाएं सहित रक्तदाता अगर आगे आएंगे तो ब्लड की कमी दूर हो जाएगी। इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा।
रक्तदान के लिए सुविधा उपलब्ध कराएगा ब्लड बैंक
मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. राजेश कुमार राय ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन के पास ब्लड कनेक्शन एवं ट्रांसपोर्टेशन वैन भी उपलब्ध है। अगर कोई स्वयंसेवी संस्था आगे आती है, तो उसे यह वैन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि लोग किसी भी जगह ब्लड डोनेट कर सकें।