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Gorakhpur News: 18 सितंबर से शुरू होगा पितृपक्ष, उसके पहले 17 को पूर्णिमा का श्राद्ध

Mon, 09 Sep 2024 03:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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पंडित शरद चंद्र मिश्र और ज्योतिष आचार्य मनीष मोहन - फोटो : अमर उजाला
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पूर्वजों का तर्पण व पिंडदान करने का दिन पितृपक्ष 18 सितंबर बुधवार से शुरू हो रहा है। हालांकि इसके एक दिन पहले 17 सितंबर मंगलवार को पूर्णिमा का श्राद्ध होगा। प्रतिपदा तिथि 18 को होगी। पितृपक्ष की अमावस्या पितृ विसर्जन 2 अक्तूबर को होगा। इसमें तिथि अज्ञात पूर्वजों का तर्पण और पिंडदान किया जाएगा।

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ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन ने बताया कि 17 सितंबर को सुबह 11 बजे तक अनंत चतुर्दशी है। इसके बाद पूर्णिमा होने से पूर्णिमा का श्राद्ध इस दिन से लेकर 18 सितंबर सुबह 8:41 बजे तक किया जा सकता है। उसके बाद प्रतिपदा लगने से प्रतिपदा का श्राद्ध 18 सितंबर को होगा। बहुत से लोग पूर्णिमा का श्राद्ध 17 व प्रतिपदा का श्राद्ध 18 को करेंगे। पितृ विसर्जन 2 अक्तूबर को होगा। इसके बाद पूर्वजों की विदाई हो जाएगी।

पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि हिंदू सनातन धर्म में बिना पितृकर्म किए देव कर्म करने का अधिकार नहीं है। अतः यह श्राद्ध शास्त्र के अनुकूल है। श्राद्ध का अधिकार केवल पुत्र को है। यदि पुत्र नहीं है तो पौत्र, यदि पुत्र-पौत्र नहीं हैं तो पुत्री का पुत्र व यदि पुत्र और पुत्री दोनों पक्ष के लोग न हों तो परिवार का कोई भी उत्तराधिकारी कर सकता है।
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जिस पिता के कई पुत्र हैं तो वरिष्ठ पुत्र को करना चाहिए। यदि किसी कारणवश न रहे या अशक्त हो तो कोई पुत्र कर सकता है। यदि उनकी संतान न हो तो भाई की संतान भी श्राद्ध की अधिकारिणी होती है। उन्होंने कहा कि पुत्र के अभाव में विधवा भी पति का श्राद्ध कर सकती है।

इस दिन पड़ेगी तिथि
17 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध, 18 सितंबर प्रतिपदा श्राद्ध, 19 सितंबर द्वितीया श्राद्ध, 20 सितंबर तृतीया श्राद्ध, 21 सितंबर चतुर्थी श्राद्ध, 22 सितंबर पंचमी श्राद्ध, 23 सितंबर षष्ठी श्राद्ध, 24 सितंबर सप्तमी श्राद्ध, 25 सितंबर अष्टमी श्राद्ध, 26 सितंबर नवमी श्राद्ध, 27 सितंबर दशमी श्राद्ध, 28 सितंबर एकादशी श्राद्ध, 29 सितंबर द्वादशी श्राद्ध, 30 सितंबर त्रयोदशी श्राद्ध, एक अक्तूबर चतुर्दशी श्राद्ध और दो अक्तूबर को अमावस्या श्राद्ध होगा।

गोरखनाथ मंदिर में होगा पुण्यतिथि समारोह
गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की साप्ताहिक पुण्यतिथि समारोह का आयोजन 14 सितंबर से 21 सितंबर तक होगा। इसमें 14 से भागवत कथा शुरू होगी, जो 20 सितंबर को समाप्त होगी। 15 से विभिन्न विषयों पर संगोष्ठी का आयोजन होगा।

मिली जानकारी के अनुसार महंत दिग्विजय नाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजन होगा, जिसमें ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ का पुण्यतिथि समारोह 20 सितंबर व ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का पुण्यतिथि समारोह 21 सितंबर को सीएम योगी की मौजूदगी में मनाया जाएगा। अतिथियों को निमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है।

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