डॉक्टरों की डिग्री का फर्जी ढंग से इस्तेमाल करने के मामले की जांच में पुलिस जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे हो रहे हैं। फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड कुशीनगर के तमकुहीराज के अलाउद्दीन ने पीपीगंज में भी गड़बड़झाला किया था। यहां के अमिताभ श्रीवास्तव ने गुलरिया में रहने वाले डॉ. राहुल नायक को चौंकाने वाली वाली जानकारियां दीं।
उन्हें बताया कि अलाउद्दीन किसी कथित डॉक्टर को साथ लेकर उसकी डिग्री दिलाने के लिए आया था, जिसके साथ गनर भी था। बाद में पांच लाख रुपये लेकर डॉ. राहुल नायक के नाम की फर्जी डिग्री उन्हें बेच दी थी।
अमिताभ को महाराजगंज में डायग्नोस्टिक सेंटर खोलना था। रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर उसने डॉ. राहुल से संपर्क किया, तब अलाउद्दीन की करतूतों की पोल खुली। इस मामले में गुलरिहा में केस दर्ज कराने वाले डॉ. राहुल नायक ने बताया कि अमिताभ ने उनके घर पर आकर संपर्क किया।
बताया-अलाउद्दीन ने जिस डॉक्टर को दिखाया था वह कोई और था, लेकिन उसने आपकी डिग्री मुझे दी थी। डॉ. राहुल ने बताया कि अमिताभ के पास उनका आधार कार्ड, डिग्री समेत कागजात की अन्य कॉपियां भी थीं। इसे देखकर वह खुद हैरत में पड़ गए थे। उन्होंने बताया कि उनकी डिग्री पर प्रयागराज, मऊ और गाजीपुर में डायग्नोस्टिक सेंटर अलग-अलग नाम से चल रहे थे।
तीनों जगहों पर डीएम और सीएमओ ऑफिस में पत्र भेजकर शिकायत की है। डॉ. राहुल ने बताया कि प्रयागराज और मऊ के स्वास्थ्य विभाग से उनके पास फोन आया कि उनके नाम पर चल रहे दोनों रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिए गए हैं। गाजीपुर से कोई फोन नहीं आया। जब एफआईआर हुई और पुलिस ने जांच शुरू की तो दो दिन में ही गाजीपुर में उनके नाम पर चल रहे डाग्नोस्टिक सेंटर पर दूसरे का नाम दर्ज कर दिया गया।
पुलिस की जांच में भी गाजीपुर सीएमओ ऑफिस के बाबुओं की कार्यप्रणाली संदिग्ध मिली है। इस मामले में फरार अलाउद्दीन के अलावा और आरोपियों के नाम भी बढ़ सकते हैं। अलाउद्दीन की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। उसके पकड़े जाने पर कई राज खुलेंगे।