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गोरखपुर राजघाट: राप्ती नदी पर बन रहे पुल का पिलर झुका...काम भी रुका- जानिए क्यों हुई दिक्कत

Thu, 17 Apr 2025 12:18 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

पुल के बीच में पानी के अंदर करीब 4.5 मीटर नीचे गहराई में पत्थर का स्लैब है। इस कारण बीच नदी में पिलर का काम सुस्त पड़ा है। पत्थर तोड़ने के लिए लखनऊ से हैवी क्षमता की पोकलेन मशीन मंगाई गई है। काम कर रहे लोगों का कहना है कि नदी के बीच में नीचे सीमेंटेंड स्लैब है।
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राप्ती नदी किनारे बन रहा पिलर झुक गया. - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राप्ती नदी पर राजघाट पुल के दोनों तरफ दो-दो लेन के पुल का निर्माण चल रहा है। एक तरफ नदी के बीच में बना पिलर झुक गया है, जिसकी वजह से यहां का काम रुक गया है। बताया जा रहा है कि नदी में पत्थर होने से पिलर झुका है। अब पत्थर तोड़ने के लिए हैवी पोकलेन मशीन मंगाई गई है।
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राप्ती नदी के पुल के दोनों ओर दो-दो लेन के एक-एक नए पुल का निर्माण चल रहा है। नौसड़ से टीपीनगर की लेन में 11 पिलर बनाए जा रहे हैं। 10 पिलर का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन बीच का एक पिलर झुक गया है। बरसात से पहले पिलर बनाने का कार्य पूरा करना है, लेकिन बीच नदी में बन रहे एक पिलर के पास काम रुक गया है।

पुल के बीच में पानी के अंदर करीब 4.5 मीटर नीचे गहराई में पत्थर का स्लैब है। इस कारण बीच नदी में पिलर का काम सुस्त पड़ा है। पत्थर तोड़ने के लिए लखनऊ से हैवी क्षमता की पोकलेन मशीन मंगाई गई है। काम कर रहे लोगों का कहना है कि नदी के बीच में नीचे सीमेंटेंड स्लैब है।
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शायद पुराना पुल बनाते समय सुरक्षा के लिए इसका चौड़ा आधार बनाया गया हो। बुधवार को बीच वाले पिलर का काम ठप पड़ा था। इसे छोड़कर बाकी 10 पिलर का काम तेजी से चल रहा है। मौके पर काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि पानी में डूबकर पत्थर काटने वाले पांच लोगों को हरियाणा से बुलाया गया था, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली।

इसके बाद लखनऊ से पत्थर काटने वाली हैवी क्षमता की पोकलेन मशीन मंगाई गई, जिसकी मदद से पानी के अंदर स्लैब तोड़ा जा रहा है। टूट रहे स्लैब से सीमेंट के टुकड़े और सरिया निकल रही है।

नदी की धारा मोड़कर हो रहा काम
अप स्ट्रीम में (जिधर से नदी आ रही है) नदी में बालू से धारा को रोककर पिलर बनाए जा रहे हैं। इस पुल को भी सिक्सलेन ओवरब्रिज के साथ ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले नौसड़ से टीपीनगर की लेन में पिलर काम पूरा किया जाएगा। दूसरी तरफ भी 11 पिलर बनेंगे। इसमें नदी के किनारे तीन पिलर बनाने का काम चल रहा है।

आठ लेन का हो जाएगा राजघाट पुल
राजघाट पुल अभी फोरलेन का है। पुराने पुल पर पहले से चार लेन की सड़क है। अब बगल में नए पुल पर भी चार लेन की सड़क होगी। नए पुल के बन जाने से पुल की कुल चौड़ाई आठ लेन की हो जाएगी। दो पुल आने के लिए और दो पुल जाने के लिए। इससे वाराणसी और लखनऊ हाईवे से आने वाले वाहन जाम में नहीं फसेंगे।

अप स्ट्रीम के पुल के निर्माण पर 103.93 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें से 36.37 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। डाउन स्ट्रीम के पुल निर्माण की लागत 117.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए पहली किस्त के तौर पर 41.29 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। पुल की कुल लंबाई 400 मीटर और चौड़ाई 8.50-8.50 मीटर रखी गई है।

राप्ती नदी पर वर्तमान पुल के दोनों तरफ दो-दो लेन का पुल बनाने का काम चल रहा है। एक तरफ 11 पिलर बन रहे हैं। नौसड़ से टीपीनगर की लेन में नदी के बीच पिलर बनाने के दौरान गहराई में पत्थर मिला है। इसे तोड़ने के लिए हैवी पोकलेन लगाई गई है। पत्थर टूटने के बाद पिलर सीधा हो जाएगा: एके सिंह, अभियंता, सेतु निगम
 
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