गाय-भैसों का दूध निकालकर उन्हें सड़क पर छोड़ना अब मवेशियों के मालिकों को महंगा पड़ेगा। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने ऐसे पशुपालकों को 5000 रुपये से 30,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान कर दिया है। इसके साथ ही वीआईपी मूवमेंट में सफाई को लेकर नई टीम का भी गठन कर दिया है।
सोमवार को निगम में हुई बैठक में मुख्यमंत्री के रूट पर बेहतर सफाई व्यवस्था नहीं होने को लेकर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई। कहा कि वीआईपी मूवमेंट में सफाई की जिम्मेदारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी, जोनल अधिकारी व जोनल सेनेटरी अधिकारी, सफाई निरीक्षक की होगी। किसी भी हाल में सड़कों पर छुट्टा पशु नहीं दिखने चाहिए।
सभी जोनल अधिकारी व सफाई निरीक्षक छुट्टा पशुओं को कान्हा उपवन में भेजने के साथ ही पशु पालकों पर 5000 से लेकर 30000 रुपये तक का जुर्माना लगाएं। नगर आयुक्त ने कार्मल रोड, रेलवे स्टेशन रोड, गोलघर, सिटी माल रोड पर नालियों की तल्लीझार सफाई का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि खुले स्थानों पर कूड़े को एकत्र न होने दें। आवश्यकता पड़ने पर इन स्थानों पर कूड़ादान रखवाएं। वीआईपी मूवमेंट में रूट पर पानी का स्प्रे करावाएं। बैठक में उप नगर आयुक्त संजय शुक्ला, मणि भूषण तिवारी, अविनाश प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे।
अतिक्रमण व पॉलिथीन मिलने पर लगा 6200 रुपये जुर्माना
नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम ने मुख्यमंत्री के यात्रा रूट पर अतिक्रमण एवं पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चलाकर 6200 रुपये जुर्माना वसूला। कूड़ाघाट के पास एक किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित पाॅलिथीन जब्त कर 1200 रुपये का चालान काटा। वहीं सिटी मॉल के पास सड़क की दोनों पटरियों पर मौरंग, गिट्टी व बालू के दुकानदारों से सफाई इंस्पेक्टर राम विजयपाल ने 5000 हजार रुपये का चालान काटा।