पुलिस की निगरानी में बंटा पेट्रोल-डीजल...दोपहर बाद पंपों पर भीड़ थमी
शहर के बंद पंट्रोल पंपों पर दोपहर तक आया तेल, बंटा पेट्रोल-डीजल
लोग टंकी कराने लगे फुल तो कई पंपों पर तेल हो गया खत्म, दोपहर बाद वितरण शुरू हो पाया
गोरखपुर। पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाह के बीच बृहस्पतिवार सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर भीड़ जुट गई। शहर के सभी पंपों पर पुलिस की निगरानी में पेट्रोल-डीजल का वितरण हुआ। बंद पेट्रोल पंप भी खुल गए और दोपहर बाद से वहां भी पेट्रोल की बिक्री शुरू हो गई। हालांकि, लोगों ने टंकी फुल कराना शुरू किया तो कई पंप ड्राई हो गए।
कई स्थानों पर स्थिति यह रही कि पंपों के बाहर सड़कों तक वाहनों की लाइनें लग गईं, जिससे आने-जाने में लोगाें को दिक्कतें हुईं। दोपहर बाद से लाइनें कम हो गईं और शाम तक स्थिति सामान्य हो गई। डीएम दीपक मीणा ने कहा कि सभी पेट्रोल पंपों पर पहले की तरह ही तेल की आपूर्ति हो रही है। सभी पंपों पर पर्याप्त मात्रा में स्टॉक पहुंच गया है, लोग पैनिक न हों, धैर्य बनाएं रखें। अफवाहों पर बिलकुल ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
बृहस्पतिवार को सभी जगहों पर सुबह से ही लोग बाइक और चारपहिया वाहन लेकर पंपों पर पहुंच गए। रुस्तमपुर, बेतियाहाता, रामगढ़ताल, पादरी बाजार, मोहद्दीपुर सहित कई पेट्रोल पंप सुबह 10 बजे के बाद खुले। जब पुलिस पहुंच गई तब जाकर तेल दिया गया। वहीं, पादरी बाजार चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पर दो दिनों से पेट्रोल नहीं था। दोपहर बाद इस पंप पर आपूर्ति हुई जिसके बाद पेट्रोल मिलना शुरू हो गया।
गोलघर काली मंदिर स्थित पेट्रोल पंप पर दोपहर से पेट्रोल मिलना बंद हो गया। जबकि विश्वविद्यालय व गोल्फ ग्राउंड स्थित पंप पर सुबह ही लोगों ने इतना पेट्रोल भरवा लिया कि सुबह 10:30 बजे ही पेट्रोल समाप्त हो गया, लेकिन डीजल का वितरण हुआ। कुछ देर बाद जब टैंकर आया फिर पेट्रोल का वितरण शुरू हुआ।
बाइक में 100 और चारपहिया के लिए 500 रुपये की लिमिट
कई पेट्रोल पंप पर दोपहर तक बाइक के लिए 100 रुपये व चार पहिया के लिए 500 रुपये तेल देने की लिमिट भी कुछ देर तक रखी गई। पंप संचालकों का कहना था कि जिसे जरूरत नहीं है वह भी टंकी फुल करवा रहा है। इसलिए, लिमिट कर दी गई है। दोपहर बाद जब भीड़ कम हुई तो लिमिट हटा ली गई।
पेट्रोल के लिए ई-रिक्शा पर बाइक लादकर लाया युवक
गोरखपुर। पेट्रोल पंपों पर बोतल और डिब्बे में पेट्रोल नहीं दिया गया। भटहट बाजार स्थित बैलो गांव के रहने वाले गोविंद को जब पेट्रोल पंप पर बोतल में तेल नहीं मिला तो वह ई-रिक्शा पर बाइक लादकर पहुंच गया। हालांकि, जब तक वह पंप पर पहुंचा तेल ही खत्म हो गया था। निराश होकर उसे लौटना पड़ा।
बोतल व डिब्बे में नहीं मिला डीजल, मायूस लौटे किसान
भटहट के अतरौलिया में सड़क के दोनों तरफ स्थित भारत पेट्रोलियम व इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर कई किसान डिब्बे व बोतल लेकर डीजल लेने के लिए पहुंचे। पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने बोतल में डीजल देने से मना कर दिया। इस बीच कर्मचारियों और किसानों में बहस भी हुई। किसानों का कहना था कहा कि हरी सब्जी की फसल धूप के कारण सूख रही है। अगर सिंचाई नहीं हुई तो दो दिन में फसल पूरी तरह सूख जाएगी। किसान दुर्गेश गुप्ता ने कहा कि सरकार को छोटे किसानों के बारे में सोचना चाहिए। अगर डीजल नहीं मिलेगा तो सिंचाई कैसे करेंगे। किसान पंचम गुप्ता ने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि डीजल की कमी नहीं है तो फिर गैलन में देने से कतराने की वजह समझ में नहीं आ रहा है।
पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति हो रही है। अफवाहों के चलते लोग घबराहट में जरूरत से ज्यादा तेल भरवा रहे हैं, जिससे अस्थायी दबाव बन रहा है। लोगों से अपील की कि वे पैनिक न हों और सामान्य रूप से ही ईंधन की खरीदारी करें।
-रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी