गोरखपुर। पिपराइच के नैयापार बुजुर्ग गांव में शनिवार सुबह स्कूल बस से कुचलकर पांच वर्षीय हिमांशु निषाद की मौत के मामले में परिवहन विभाग की जांच में बस का परमिट, बीमा और फिटनेस सही मिला लेकिन प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) की अवधि खत्म मिली। बस देवरिया जिले के एसडी पब्लिक स्कूल के नाम पंजीकृत है और वर्ष 2025 में खरीदी गई थी। हादसे के बाद बस चालक मनोज कुमार का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर उसे निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचकर बस की जांच की। अधिकारियों ने बस के पंजीकरण सहित परमिट, फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र से जुड़े कागजात देखे। जांच में परमिट, फिटनेस और बीमा वैध मिले जबकि प्रदूषण प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त हो चुकी थी। संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय को नोटिस देकर बस चालक का लाइसेंस मांग कर इसे पहले निलंबित व बाद में निरस्त किया जाएगा।
बताया गया कि शनिवार सुबह बच्चों को लेने पहुंची एसडी पब्लिक स्कूल की बस में चढ़ते समय हिमांशु नीचे गिर गया। इसी दौरान बस का पिछला पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल हिमांशु की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक मनोज कुमार बस छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने बस को घेरकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
- स्कूल बसों में सीसीटीवी और परिचालक जरूरी
एआरटीओ अरुण कुमार ने बताया कि स्कूल बसों की समय-समय पर जांच की जाती है। नियमों के तहत स्कूल बस में सीसीटीवी कैमरा होना चाहिए और चालक के साथ परिचालक की भी व्यवस्था जरूरी है। महिला परिचालक भी आवश्यकता के अनुसार होना चाहिए। बस संचालन में किसी तरह की लापरवाही मिलने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय की होती है। हादसे के मामले में भी बस चालक की भूमिका की जांच के साथ विद्यालय की जिम्मेदारी तय की जाएगी। घटना में बस चालक का लाइसेंस निलंबित कर इसे निरस्त किया जाएगा। इस तरह की बसों को लेकर सोमवार से सड़कों पर अभियान भी चलेगा।