लोगों का विरोध काम न आया...जीडीए ने बुलडोजर चलाया
खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना में अतिक्रमण पर पुलिस की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
दो मुर्गी फार्म, तीन चहारदीवारी और चार खाली कमरों को किया गया ध्वस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना में अतिक्रमण के खिलाफ जीडीए की कार्रवाई और तेज हो गई है। शनिवार को सैकड़ों लोगों के विरोध के बीच प्राधिकरण के कर्मचारियों ने अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाकर दो मुर्गी फार्म, तीन चहारदीवारी और चार खाली कमरों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान पुलिस की भी मौजूदगी रही। जीडीए अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए उपाय सुझाए गए हैं। यदि लोग मानेंगे तो उनको राहत मिलेगी। टीम के लौटने के बाद प्रभावित लोगों ने बैठक करके कार्रवाई पर चिंता जताते हुए आगे की रणनीति बनाई।
खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के तहत आवेदन की तिथि बीतने के बाद स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। इस योजना में खोराबार, जंगल सिकरी, सैनिक नगर कॉलोनी क्षेत्र में कार्रवाई की जा रही है। शनिवार की दोपहर जीडीए टीम के विशेष कार्याधिकारी पीके सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह के नेतृत्व में सहायक अभियंता कुंजबिहारी, कर्मचारी अभय आदि की टीम पहुंची। टीम ने अवैध रूप से बनी तीन चहारदीवारी, दो मुर्गी फार्म और चार कमरों को तोड़ दिया।
जमुना टोला में टीम ने अतिक्रमण तोड़े। इसके बाद टीम के सदस्य जंगल सिकरी में निजी नर्सरी पर कार्रवाई करने पहुंचे। वहां धीरे धीरे स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने कार्रवाई का विरोध भी किया। वहां कार्रवाई करने के करीब डेढ़ घंटे वहीं अतिक्रमण गिराए जा रहे हैं, जिसमें कोई रहता नहीं है या जिसे किराए पर दिया गया है। मकान बनाकर रहने वाले लोगों को जीडीए ने विकल्प भी सुझाए हैं।
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प्रभावितों ने बनाई जंगल सिकरी एवं खाेराबार मकान-जमीन बचाओ संघर्ष समिति
जीडीए की कार्ययोजना से प्रभावित लोग पहले से बने मकानों को नियमित करने की मांग रहे हैं। प्रभावितों ने अपनी बातों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए जंगल सिकरी एवं खोराबार मकान-जमीन बचाओ संघर्ष समिति बना ली है। इसका पोस्टर प्रभावित क्षेत्र के गांवों में चस्पा कर दिया गया है। शनिवार को बुलडोजर चलने के बाद देर शाम को बैठक करके लोगों ने आगे की रणनीति तय की। लोगों ने बने हुए मकानों को तोड़ने को लेकर चिंता जताई। लोगों ने कहा कि जीडीए का काम बसाना है, लेकिन यहां पहले से बसे-बसाए लोगों को उजाड़ा जा रहा है। इस दौरान राजमंगल राय, विकास पांडेय, विजय नारायण मिश्र, कमलेश राय, योगेंद्र पांडेय, जेपी मिश्रा, पंकज त्रिपाठी, पूनम, चंद्रभूषण, जय नारायण, विपिन, सोनू, प्रवीण, संजय मिश्रा और रामदरस एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
वर्जन
खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के तहत आने वाली जगहों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। स्थानीय लोगों को विकल्प भी दिए गए हैं। यदि लोग सहमत होंगे तो उस पर विचार किया जाएगा। अभी खाली कमरों, चहारदीवारी सहित अन्य अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं।
-उदय प्रताप सिंह, सचिव, जीडीए