उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में लगातार कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे में यहां इम्यूनिटी सिस्टम को बूस्ट करने के लिए अचानक गिलोय रस मांग बढ़ गई है। इसके लिए दुकानों पर एडवांस बुकिंग भी हो रही है।
लॉकडाउन से पहले गोरखपुर में हर महीने विभिन्न ब्रांड की करीब 25 हजार बोतल की बिक्री होती थी, जो अब बढ़कर एक लाख से अधिक हो गई है। यही नहीं गिलोय रस नहीं मिलने पर लोग जड़ी बूटी की दुकानों से गिलोय की लकड़ी की खरीदकर घर ले जा रहे हैं।
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आयुष मंत्रालय ने गिलोय को कोरोना से लड़ाई में कारगार बताया है। इसके बाद से ही लोगों ने इसका सेवन करना शुरू कर दिया है। भालोवटिया बाजार में आयुर्वेद दवा विक्रेता राकेश कुमार बताते हैं कि दवा की दुकानों के साथ ही किराना स्टोरों पर भी गिलोय रस की मांग बढ़ गई है। लोगों एक साथ कई बोतल की बुकिंग भी एडवांस में कर रहे हैं।
लॉकडाउन से पहले जड़ी-बूटी की दुकानों पर गिलोय की लकड़ी 40 से 50 रुपये किलो की दर से बिक रही थी। जो अब 100 से 120 रुपये किलो बिक रही है। पूर्वांचल में हरिद्धार और देहरादून से गिलोय की आपूर्ति होती है।