उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में शुक्रवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। यहां सलेमपुर कोतवाली पुलिस की चूक से गलत पहचान कर पंचानामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव की शिनाख्त बाइक के नंबर के आधार पर शनिवार को हुई।
थोड़ी सी चूक से एक परिवार में कुछ समय के लिए मातम छा गया था तो दूसरी ओर सड़क हादसे में मरे व्यक्ति को लावारिश होने का दंश झेलना पड़ा। इसके चलते पूरी परिवार के लोग उसके घर वापस लौटने का इंतजार करते रहे।
मईल थाना क्षेत्र के अड़िला गांव निवासी व्यास ठाकुर 38 वर्ष पुत्र रामजी बाइक से शुक्रवार को बसडीला गए थे। इसी दौरान धनौती ढ़ाला के पास किसी वाहन की ठोकर से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आसपास के लोगों ने सलेमपुर सीएचसी में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल ने इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दी।
इसी बीच मईल थाना क्षेत्र श्रीनगर गांव निवासी कुछ लोगों ने उस शव की पहचान अपने गांव निवासी फुलसर उर्फ भेड़ा के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसी बीच श्रीनगर गांव निवासी जिस व्यक्ति की मृतक के रूप में पहचान हुई थी, वह गांव में ही जिंदा मिला।
पुलिस ने शव को आनफानन लावारिश घोषित कर पोस्टमार्टम रूकवा दिया और मोरर्ची में शव रखवा दिया। लावरिश होने के कारण पुलिस शिनाख्त करने में जुट गई। पुलिस को घटनास्थल के निरीक्षण करने के दौरान मिली बाइक के नंबर के आधार पर सुबह पहचान करने में कामयाबी मिल गई।
पुलिस ने व्यास ठाकुर के परिवार के लोगों को सूचाना दी। रातभर परेशान रहे उनके पुत्र आकाश, विकास पिता की मौत की खबर सुनते ही मोरर्ची हाउस पहुंच कर शव का पहचान किया।