स्क्रैप नीति के तहत अपने पुराने वाहन के नंबर को नए वाहन पर लेने वालों को भारी छूट दी जा रही है। वह अपने वाहन के पुराने वीआईपी नंबर को सिर्फ 20 हजार रुपये में ले सकेंगे। वहीं सामान्य नंबर के लिए उन्हें पांच हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
पुराने और कबाड़ घोषित हो चुके वाहनों के मालिकों को अब अपना पसंदीदा पंजीकरण नंबर नए वाहन के लिए दोबारा लेने की सुविधा मिल रही है। अपना वाहन स्क्रैप में देने के बाद वही पसंदीदा नंबर नया वाहन खरीदने का मौका मिलेगा। इसके लिए उन्हें एक लाख नहीं सिर्फ 20 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे। संभागीय परिवहन विभाग की इस व्यवस्था का लाभ जिले में अब तक चार वाहन स्वामी उठा चुके हैं।
परिवहन विभाग के अनुसार, 15 वर्ष पुराने व्यावसायिक और 20 वर्ष पुराने निजी वाहनों को स्क्रैप नीति के दायरे में लाया गया है। ऐसे वाहन अधिकृत स्क्रैप सेंटर में जमा करने पर वाहन स्वामी को स्क्रैप प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस प्रमाणपत्र के आधार पर अपने पुराने वाहन के नंबर को नई गाड़ी पर लगवा सकेंगे।
इसके लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। जिस वाहन का नंबर नई गाड़ी में लेना है, उसका पंजीकरण कम से कम तीन वर्ष पुराना होना चाहिए। साथ ही वाहन को अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर जमा करना अनिवार्य है।
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, यदि कोई वीआईपी नंबर नई गाड़ी में लेना चाहता है, जिसका मूल्य एक लाख रुपये है, तो उसे 20 हजार रुपये शुल्क देना होगा। वहीं सामान्य पंजीकरण नंबर के लिए पांच हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
स्क्रैप प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर वाहन स्वामियों को नया वाहन खरीदने में 20 प्रतिशत तक की छूट का लाभ भी मिल सकता है। जिले में बाघागाड़ा-बरडाड़ रोड और सहजनवां स्थित अधिकृत स्क्रैप सेंटरों पर यह सुविधा उपलब्ध है।
नए नियम के तहत वाहन स्वामियों को अपने पुराने वाहन का नई गाड़ी पर दिया जा रहा है। इससे लोग अपने पसंदीदा नंबर को बरकरार रख पा रहे हैं। जिले में अब तक चार वाहन स्वामी इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं:
अरुण कुमार, एआरटीओ, संभागीय परिवहन विभाग