भाई-चारे के त्योहार होली में गले मिलकर बधाई देने की हजारों साल पुरानी परंपरा इस बार कोरोना वायरस के दहशत में प्रभावित हो सकती है। वायरस के संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टरों की सलाह है कि लोगों से न हाथ मिलाएं, ना ही गले मिलें। अभिवादन, बधाई के लिए हाथ जोड़कर नमस्ते से काम चलाएं। माना जा रहा है कि डॉक्टरों की यह सलाह होली में होली मिलन कार्यक्रमों में गले मिलकर बधाई देने की पुरानी परंपरा को प्रभावित किए बिना नहीं रहेगी।
कोरोना वायरस भारत में भी दस्तक दे चुका है। आगे क्या-क्या होगा, यह सब भविष्य में कोरोना की भयावहता पर निर्भर करेगा। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह छह मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट पाजिटिव होने की पुष्टि कर चुके हैं। ऐसे में कोरोना को लेकर विशेष सतर्कता बढ़ा दी गई है।
कोरोना के दस्तक का आतंक ऐसा है कि डॉक्टर यह सलाह देने लगे हैं कि संक्रमण से बचने के लिए गले और हाथ न मिलाकर दूर से ही नमस्ते करिए। महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके द्विवेदी का कहना है कि कोरोना वायरस से बचाव का सबसे बड़ा तरीका जागरूकता ही है।
परंपरा में यह बदलाव जागरूकता के लिए जरूरी है। क्योंकि कोरोना वायरस छूने से लेकर प्रभावित मरीजों के आसपास जाने से भी हो सकता है। यही कारण है कि जितने लोगों की डॉक्टरों की टीम ने स्क्रीनिंग की है, उन्हें भी लोगों से दूर रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का मानना है कि अगर कही कोई विदेश से होली में आता है और गलती से उसकी स्क्रीनिंग नहीं हो पाती है, तो कम से उस व्यक्ति से दूरी बनाकर संक्रमण से बचा जा सकता है।