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आचार संहिता के दौरान करोड़ों का भुगतान

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आचार संहिता के दौरान करोड़ों का भुगतान
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ऐसे मदों में कर दिया भुगतान जिन पर थी रोक
बरहज, गौरीबाजार, लार सहित कई विकास खंडों में हुई अनियमितता
देवरिया। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने एवं नई पंचायतों में शपथ ग्रहण होने की अवधि के पांच माह के दौरान जिले में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया। दिसंबर 2020 से 27 मई 2021 के बीच प्रशासकों ने जिले के 16 विकास खंडों की 1185 ग्राम पंचायतों में 26 करोड़ 11 लाख 60 हजार 793 से अधिक रुपयों का भुगतान किया। ज्यादातर भुगतान ऐसे मदों में हुआ, जिन पर आचार संहिता के दौरान काम कराने पर रोक थी। कई गांवों में मामला प्रकाश में आने के बाद से खलबली मची है। सबसे अधिक भुगतान बरहज, गौरीबाजार, लार में हुआ है।
शासन का स्पष्ट निर्देश था कि पंचायतों के चुनाव होने तक सिर्फ सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, निर्माण कार्य पर ही धन खर्च किया जाए। इसके अलावा अन्य कार्यों पर भुगतान के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था। यहीं नहीं, कहा गया था कि आचार संहिता लागू होने के बाद अन्य कोई नया कार्य नहीं होगा। 24 दिसंबर 2020 को जिले की 1185 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया। कार्यकाल समाप्त होने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी आनंद प्रकाश ने एडीओ पंचायतों को प्रशासक का कार्यभार सौंपा। पर तत्कालीन डीएम अमित किशोर ने खंड विकास अधिकारियों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी। लेकिन, कोरोना की वजह से समय से ग्राम पंचायतों के चुनाव नहीं हो सके। बाद में हुए चुनाव के उपरांत 26 मई को प्रधानों ने शपथ ली। जिम्मेदारी संभालने के बाद ग्राम प्रधानों ने पत्रावलियों को देखा तो करोड़ों के खेल का मामला सामने आया है। इनमें ज्यादातर भुगतान हैंडपंप, आरओ प्लांट, डस्टबिन, चबूतरा, मिट्टी कार्य आदि के नाम पर किया गया है।
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कोट:
प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन का अधूरा निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश सभी प्रशासकों को दिए गए थे। बरहज के पैना सहित कुछ गांवों की शिकायतें आई हैं। वहां की जांच कराई जा रही है।
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शिव शरणप्पा जीएन, मुख्य विकास अधिकारी
कोट:
सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, पेयजल योजना अधूरी है। ऐसे में अन्य मद में भुगतान नहीं किया जाना चाहिए। इन्हें छोड़कर दूसरे मद में भुगतान करने की कई गांवों से शिकायत प्राप्त हुई है। इसकी जांच कराई जा रही है।
आनंद कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी
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