- चुनाव बाद टूटेगी बाउंड्री, प्लेटफाॅर्म तक बनेगी सड़क, एफओबी भी बढ़ेगा
- अभी क्राॅसिंग बंद होने पर यात्री नहीं जा पाते स्टेशन
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कैंट स्टेशन पर बनने वाले दूसरे रास्ते के लिए सेना से जमीन मिल गई है। प्रस्तावित जमीन पर एनईआर का पिलर भी लग गया है। अब चुनाव बाद हस्तांतरण की कागजी औपचारिकता पूरी करते हुए रास्ते का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके साथ स्टेशन के फुटब्रिज को भी सेकेंड इंट्री प्वाइंट तक बढ़ाया जाएगा। बाद में तीसरी लाइन के किनारे एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म भी बनेगा।
कैंट स्टेशन का विस्तारीकरण होने के साथ ही अब यहां छह प्लेटफाॅर्म और नौ लाइनें हो गई हैं। यहां से गोरखपुर-नरकटियागंज और गोरखपुर-सीवान पैसेंजर ट्रेनों का नियमित संचालन होने लगा है। इसके अलावा गोरखपुर-वाराणसी इंटरसिटी भी यहीं से चलाई जा रही है। इस वजह से स्टेशन पर भीड़ बढ़ने लगी है। कैंट क्राॅसिंग पर अभी ओवरब्रिज न होने के चलते ट्रेनों के आवागमन के चलते क्राॅसिंग लंबे समय तक बंद रहती है। इसके चलते यात्रियों को स्टेशन तक आने-जाने में दिक्कत होती है। इसको ध्यान में रखते हुए लाइन नंबर नौ के पास से भी एक रास्ता प्रस्तावित है। इसके लिए सेना से जमीन मांगी गई थी। लंबी प्रक्रिया के बाद रेलवे और सेना ने जमीन की अदला-बदली का निर्णय लिया।
पिछले सप्ताह रेलवे लाइन के किनारे सेना की जमीन पर निशान लगाकर रेलवे का पिलर लगा दिया गया। इसके साथ ही रेलवे की जमीन पर सेना का पिलर भी लग गया है। अब चुनाव आचार संहिता खत्म होने के साथ ही सेकेंड इंट्री के लिए निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा। इसके लिए सबसे पहले पिलर के पास एक नई बाउंड्री बनाई जाएगी। इसके बाद रेलवे लाइन के किनारे बनी सेना की वर्तमान बाउंड्रीवॉल को तोड़कर उसकी जगह मेन रोड से लेकर फुटब्रिज तक चौड़ा रास्ता बनाया जाएगा। फुटब्रिज को बढ़ाकर लाइन नंबर नौ के आगे सीढ़ी लगाई जाएगी, जिससे यात्री सीधे प्लेटफाॅर्म पर पहुंच जाएंगे।
बाद में प्लेटफाॅर्म का भी होगा निर्माण
रेलवे से जुड़े एक अफसर ने बताया कि लाइन नंबर नौ के बगल से रास्ता बनाने से आवागमन तो आसान हो जाएगा, लेकिन सुरक्षा को लेकर दिक्कत बनी रहेगी। इसलिए यह विचार भी किया जा रहा है कि लाइन नंबर नौ के किनारे एक प्लेटफाॅर्म बना दिया जाए, जिससे कि इस लाइन का अधिकतम उपयोग होगा और सुरक्षा के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा भी बढ़ेगी। तब यहां ओवरब्रिज के पास एक जनरल टिकट काउंटर भी बनाया जाएगा, जिससे कि सेकेंड इंट्री गेट से आने वाले यात्रियों को यहीं टिकट मिल सके।
ओवरब्रिज के लिए भेजा जा चुका है डीपीआर
कैंट स्टेशन से हर दिन 100 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। स्टेशन पुनर्विकास के बाद प्लेटफाॅर्म नंबर एक और रेलवे क्राॅसिंग के बीच की दूरी भी कम ही बची है। क्राॅसिंग बंद होने पर हर दिन लोगों को परेशान होना पड़ता है। इसे देखते हुए यहां 65 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज भी प्रस्तावित है। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से जुड़े अफसर ने बताया कि ओवरब्रिज के लिए डीपीआर भेजा जा चुका है। चुनाव बाद इसके मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी आएगी। ओवरब्रिज का निर्माण होने से आवागमन सुविधाजनक होने के साथ ही स्टेशन पर भी सुरक्षा उपाय बेहतर होंगे।
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