गोरखपुर। दिल्ली से गोरखपुर आने वाली फ्लाइट में सवार होने से यात्री को निर्धारित उड़ान समय से 20 मिनट पहले रोकना इंडियन एयरलाइंस को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए टिकट की 4,560 रुपये की रकम 10 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने और 60 हजार रुपये क्षतिपूर्ति व वाद व्यय देने का आदेश दिया है।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह और सदस्य कृष्णानंद मिश्र व बीना सिंह ने मामले की सुनवाई के बाद निर्णय सुनाया। उपभोक्ता की ओर से अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। मामला 27 फरवरी 2018 का है। न्यू शिवपुरी कॉलोनी, रुस्तमपुर निवासी जया उपाध्याय के पिता ने दिल्ली से गोरखपुर के लिए फ्लाइट का टिकट बुक कराया था। फ्लाइट का निर्धारित समय सुबह 9:45 बजे था। जया ने सुबह 9:05 बजे बोर्डिंग भी प्राप्त कर ली थी।
आरोप के अनुसार बोर्डिंग के बाद जब वह फ्लाइट में सवार होने के लिए काउंटर पर पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि विमान उड़ान के लिए तैयार है। इसके बाद उन्हें फ्लाइट में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। खास बात यह रही कि निर्धारित उड़ान समय से करीब 20 मिनट पहले ही उन्हें रोक दिया गया और इसकी कोई सूचना भी नहीं दी गई।
यात्रा से वंचित होने के बाद भी एयरलाइंस ने टिकट के 4,560 रुपये वापस नहीं किए। मामले की सुनवाई में आयोग ने एयरलाइंस की सेवा में कमी मानी। आयोग ने टिकट की रकम 10 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने के अलावा 60 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और वाद व्यय देने का आदेश दिया।े