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Gorakhpur News: परमहंस योगानंद व स्वामी युक्तेश्वर के महासमाधि दिवस पर जलेगी अध्यात्म की लौ

Fri, 06 Mar 2026 02:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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गोरखपुर। पूरी दुनिया को योग का पाठ पढ़ाने वाले परमहंस योगानंद की महासमाधि दिवस सात मार्च और उनके गुरु स्वामी युक्तेश्वर गिरी की महासमाधि दिवस नौ मार्च को है। इसे लेकर योगदा सत्संग सोसाइटी की गोरखपुर ध्यान मंडली की ओर से आठ मार्च को विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
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यह आयोजन राजेंद्र नगर पूर्वी स्थित योगदा सत्संग सोसाइटी के ध्यान केंद्र में श्रद्धा और भक्ति के साथ आठ मार्च को सुबह आठ से रात नौ बजे तक चलेगा। कार्यक्रम के दौरान भक्तों की ओर से भजन-कीर्तन, सामूहिक ध्यान और विश्व में प्रेम, सद्भाव तथा शांति की कामना के लिए विशेष प्रार्थना की जाएगी। आयोजन का उद्देश्य गुरुओं के आदर्शों, आध्यात्मिक शिक्षाओं और मानवता के प्रति उनके संदेश को स्मरण करना है।
योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया के जनसंपर्क विभाग से जुड़े सुधीर यादव ने बताया कि कार्यक्रम में सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है, ताकि वे गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकें।
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गोरखपुर में हुआ था परमहंस योगानंद का जन्म
परमहंस योगानंद का जन्म पांच जनवरी 1893 को गोरखपुर के मुफ्तीपुर मोहल्ले में कोतवाली थाना के पास स्थित एक किराए के मकान में हुआ था। उनके पिता भगवती लाल रेलवे कर्मचारी थे। जन्म के बाद योगानंद ने अपने जीवन के शुरुआती आठ वर्ष यहीं बिताए। गोरखपुर प्रवास के दौरान ही बालक योगानंद भारत की प्राचीन योग परंपरा से गहराई से प्रभावित हुए थे। वे अक्सर गोरखनाथ मंदिर जाते और वहां ध्यान में लीन हो जाते थे। उनके विदेशों में भी बड़ी संख्या में शिष्य और अनुयायी हैं। अच्छन बाबू के पुत्र शेखू नवाब ने बताया कि उनके मकान में योगानंद किराए पर रहते थे, उनकी यादें काफी ज्यादा हैं। उनकी कुछ स्मृतियां भी रखी हुई हैं।

तेजी से हो रहा योगानंद जन्मस्थली पर स्मृति भवन का निर्माण
मुफ्तीपुर में स्थित परमहंस योगानंद की जन्मस्थली पर लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से चार मंजिला स्मृति भवन (योगभूमि) का निर्माण किया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 11 मई 2025 को इसका शिलान्यास किया था, जिसका उद्देश्य इस स्थल को एक अंतरराष्ट्रीय योग केंद्र और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। इसका निर्माण एक जुलाई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस समय तक ग्राउंड फ्लोर का छत तैयार हाे चुका है। भवन की हर मंजिल पर अलग-अलग तरीके से योगानंद की यादें संजोई जाएंगी। पर्यटन विभाग के उप निदेशक राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि जन्मस्थली पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
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