संगीत प्रेमियों व कलाकारों ने कहा.. हमेशा दिलो-दिमाग में कायम रहेंगे पंकज
गोरखपुर। भजन एवं गजल के लिए देश भर में जाने माने गायक भजन सम्राट पंकज उदास का निधन सोमवार को हो गया। निधन की सूचना पर संगीत के कलाकार एवं संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ पड़ी। श्रद्धांजलि देते हुए संगीत प्रेमियों एवं कलाकारों ने कहा कि पंकज उधास हमेशा दिलो-दिमाग में कायम रहेंगे। उनका निधन भारतीय संगीत के लिए अपूरणीय क्षति है।
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सामने से सुनने और मिलने का मिला था मौका
गजलों के बीते स्वर्णिम दौर में शीर्षस्थ गजल गायकों में से एक पद्मश्री पंकज उधास का अवसान भारतीय संगीत की एक बड़ी क्षति है। गजलों को आमजन तक पहुंचाने में, गीत की तरह गुनगुनाने को मजबूर करने में जगजीत सिंह के साथ-साथ पंकज उधास का बड़ा योगदान रहा है। इस शहर ने प्रायः दो दशक पूर्व नगर के उद्योगपति चन्द्र प्रकाश अग्रवाल के यहां मांगलिक समारोहों में उनसे रूबरू होने का मौका व सुनने का अवसर मिला था। उन्हें हमारी विनम्र श्रद्धांजलि।
- शरद मणि त्रिपाठी, शास्त्रीय गायक
संगीत जगत की अपूरणीय क्षति
पंकज उधास के निधन से सभी संगीत प्रेमी स्तब्ध है, 80-90 के दशक में पंकज की गजलें युवाओं के हृदय में रच-बस गई थीं। इनकी गजलें इतनी लोकप्रिय एवं सरल थीं कि हर कलाकार इनकी गजलों को गाकर वाहवाही लूटता था। इनकी गाई गजल चांदी जैसा रंग है तेरा ... घुंघरू टूट गए ... चिट्ठी आई है …काफी लोकप्रिय हुए। ऐसे महान कलाकार का जाना भारतीय संगीत के लिए अपूरणीय क्षति है।
- डाॅ. राकेश श्रीवास्तव, लोक गायक
संगीत प्रेमियों के लिए दुखदाई
पंकज उधास का जाना संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति के साथ संगीत प्रेमियों के लिए गहरा आघात है। उनके निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ है। हम लोगों ने उनकी गजलों से बहुत कुछ सीखा है। मंच पर उनके गजलों को गाकर पहचान मिली है। उनके निधन से भारतीय संगीत में जो रिक्तता आई है उसकी भरपाई कर पाना मुश्किल है। ऐसे महान गायक का जाना हम संगीत प्रेमियों के लिए काफी दुखदाई है।
- प्रभाकर शुक्ला, गायक