रेल मंत्रालय ने पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर डिपो में तैनात उप मुख्य सतर्कता अधिकारी अजीत कुमार और डिपो के चार कर्मचारियों का तबादला कर दिया है। हालांकि रेल प्रशासन इसे रूटीन तबादला बता रहा है, लेकिन इस कार्रवाई को सीबीआई और विजिलेंस जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक केसी जोशी को पिछले महीने सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने घूस लेते गिरफ्तार किया था। पूरा मामला डिपो में सामग्री आपूर्ति से जुड़ा था, लिहाजा सीबीआई टीम ने वहां के अफसरों व कर्मचारियों से पूछताछ की थी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने भी गोरखपुर के स्टोर डिपो में छानबीन की थी। अब एक अफसर समेत पांच कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया है।
स्थानांतरित किए गए उप मुख्य सतर्कता अधिकारी स्टोर अजीत कुमार का तबादला एनई रेलवे से पश्चिम रेलवे किया गया है। सामान्य स्टोर डिपो में बतौर सीडीएमएस तैनात सत्यकाम सिंह को इज्जतनगर, भंडार के ही टीएमएस शिवोदास को गोंडा, मुख्य कार्यालय अधीक्षक प्रेमचंद को वाराणसी और सहायक डिपो अभिषेक को गोंडा भेजा गया है। इन सभी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त भी कर दिया गया है।
विजिलेंस टीम ने भी कई दिन तक की थी छानबीन
सीबीआई की एंटी करप्शन टीम के छापा मारने के बाद विजिलेंस टीम ने तीन दिन तक स्टोर डिपो की छानबीन की थी। यहां जैम पोर्टल के माध्यम से सामान की आपूर्ति करने वाली 25 फर्माें का भी डिटेल खंगाला गया। पता लगा कि इनमें से कुछ ही फर्मों को बार-बार सामान आपूर्ति का आर्डर मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया। कई फर्मों की फाइल विजिलेंस टीम अपने साथ ले गई थी। अब पांच लोगों पर एक साथ कार्रवाई होने से महकमे में हड़कंप मच गया है।