फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महामारी ने चुनौतियों को संभावनाओं में बदला है 

विज्ञापन
विज्ञापन
महामारी ने चुनौतियों को संभावनाओं में बदला है  मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विवि में हुआ वेबीनार अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विवि में 'अभ्युदय' की तरफ से रविवार को 'भविष्य की चुनौतियों का सामना करने हेतु कोरोना काल में मानसिक तैयारी की स्थिति' विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में कुलपति प्रो श्रीनिवास सिंह और वरिष्ठ पत्रकार आशीष त्रिपाठी सहित हैप्पिनेस पाठ्यक्रम के मुख्य रचनाकार श्रवण कुमार शुक्ल उपस्थित रहे।  प्रो श्रीनिवास सिंह ने हमारी स्थिति अन्य देशों की तुलना में अच्छी है। महामारी के कारण कई तहर की चुनौतियों सामने हैं। इन चुनौतियों से निपटनें और इसको अवसर में बदलने के लिए हमें अब नए तरीके से काम करने होंगे। कहा कि कामगार श्रमिकों के विस्थापन से सामाजिक चुनौतियां भी सामने है। सामाजिक असंतुलन बढ़ा है। कानून व्यवस्था की समस्या भी सामने आई है। लेकिन दूसरी तरफ देखा जाए तो पर्यावरण स्वच्छ हो गए है। इन परिस्थितियों में चुनौतियां संभावनाओं में भी बदली हैं। इस बीच उन्होंने ऑनलाइन व्यापार पर जोर दिया। आशीष त्रिपाठी ने कहा कि कई सदियों के बाद इतना ज्यादा विस्थापन हुआ है। बुजुर्ग भी इसे अभूतपूर्व बता रहे हैं। कहा कि ऑनलाइन सेमिनार हो रहे हैं। इससे हमें बहुत कुछ सीखने को भी मिल रहा है। लॉकडाउन में हमारी आदतें बदल गई है। हमारें खर्च कम हो गए हैं। श्रवण कुमार शुक्ल ने कहा कि मुसीबत के समय एक प्लेटफार्म का चयन कर हम संवाद में बैठे हैं। हर मुसीबत का अंत होता है, तो इसका भी होगा। वर्तमान में हमारा जीने का जो माॅडल है, वही भविष्य की चुनौतियां है। विवि के  चिकित्साधिकारी डाॅ एके पांडेय ने  ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। बाबा राघव दास महाविद्यालय देवरिया की एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ भावना सिन्हा ने छोटे शहरों के परिप्रेक्ष्य में ऑनलाइन शिक्षा पर पूछे गए सवाल पूछे। जिसका उत्तर श्रवण शुक्ल ने दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन 'अभ्युदय' के सचिव उपेंद प्रसाद द्विवेदी तथा धन्यवाद ज्ञापन डाॅ उदयवीर सिंह ने किया। वेबिनार में 60 प्रतिभागी मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें