सचिवों का कहना है कि प्रमुख प्रतिनिधि पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे हड़ताल के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष अनीस चौधरी, पंचायत सचिव केएम दास, मुदस्सिर, दिलीप, उमेश, सदानंद, बृजभूषण, गोविंद, देवीदयाल, गंगा, विनोद आदि शामिल रहे।
आरोप बेबुनियाद हैं। मैंने किसी से कमीशन नहीं मांगा न ही किसी के साथ अभद्रता की। ब्लॉक के सभी पंचायत सचिव भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इसी का विरोध किया तो सभी झूठी कहानी बना रहे हैं। - आनंद कुमार तिवारी, प्रतिनिधि, ब्लॉक प्रमुख उरुवा
प्रतिनिधि का निर्देश नहीं सुनेंगे अधिकारी-कर्मचारी: डीपीआरओ
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि उरुवा का मामला संज्ञान में आया है। पंचायत सचिवों ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी है। ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी या विभाग का कोई भी कर्मचारी प्रधान या प्रमुख के प्र्रतिनिधि के आदेश-निर्देश को संज्ञान में नहीं लेगा। अगर कोई दबाव बनाएगा तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी और सीडीओ की तरफ से जल्द ही लिखित निर्देश भी जारी कर दिए जाएंगे।