गोरखपुर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए पिछली आरक्षण सूची की तुलना में 21 मार्च को प्रकाशित नई आरक्षण सूची के बारे में ज्यादा लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है। दो मार्च को प्रकाशित अनंतिम सूची पर 830 आपत्तियां आईं।
इस बार 1256 लोगों ने प्रार्थनापत्र देकर आरक्षण निर्धारण में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। इस बार आपत्ति दर्ज कराने के लिए दावेदारों को सिर्फ दो ही दिन का मौका मिला। माना जा रहा है कि थोड़ा और समय मिलता तो यह संख्या और बढ़ती। इस बार जितनी आपत्तियां जिला मुख्यालय में दर्ज हुईं, उतनी ही ब्लॉकों पर भी। सर्वाधिक लोगों को प्रधान और जिला पंचायत सदस्य पद के आरक्षण पर एतराज है।
पंचायतीराज विभाग के मुताबिक बुधवार और बृहस्पतिवार को आपत्तियों का निस्तारण होगा। 26 मार्च को आरक्षण सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक कौड़ीराम, जंगल कौड़िया और ब्रम्हपुर ब्लॉक के प्रधान के छह और बीडीसी सदस्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित दो पदों को छोड़ ज्यादा बदलाव नहीं होने की सूचना है।
पंचायतीराज विभाग का कहना है कि शासन की तरफ से तय गाइडलाइन के मुताबिक आरक्षण का निर्धारण किया गया है। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती गई है। यही वजह है कि आपत्तियों के निस्तारण के समय आपत्तिकर्ता को भी बुलाया गया है। उसके सामने निस्तारण होगा।
आपत्ति खारिज होने की उन्हें वजह बताई जाएगी। जरूरत पड़ने पर प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाएगी। पहले दिन प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य और बीडीसी सदस्य पद से जुड़ी आपत्तियों का निस्तारण होगा। दूसरे दिन ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत सदस्य पद को लेकर आई आपत्तियां निस्तारित की जाएंगी।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि तय कार्यक्रम के मुताबिक 24 और 25 मार्च को आपत्तियों का निस्तारण होगा। दो दिनों में 1256 आपत्तियां आईं हैं। एक ही पद के लिए कई लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है। कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने ब्लाकों के साथ ही जिला मुख्यालय में भी आवेदन किया है। पूरी पारदर्शिता के साथ आपत्तियों का निस्तारण होगा। 26 मार्च को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।