गोरखपुर। हजरत इब्राहीम की अजीम कुर्बानी की याद में मनाया जाने वाले ईद-उल-अजहा सोमवार को अकीदत और एहतराम के साथ शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। लोगों के सुबह ही बकरीद की नमाज पढ़ी और इसके बाद कुर्बानी का फर्ज अदा किया। सुबह 5:30 से नमाज का सिलसिला शुरू हो गया जो सुबह 10:30 तक जारी रहा। अलग-अलग ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा कर लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। इसके बाद शुरू हुआ कुर्बानी का सिलसिला जो देर शाम तक चलता रहा। मंगलवार और बुधवार को भी कुर्बानी की जाएगी।
सबसे पहले मस्जिद सुप्पन खां खूनीपुर व चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर में नमाज अदा की गई, जबकि सबसे आखिर में सुन्नी जामा मस्जिद सौदागर मोहल्ला में नमाज अदा कराई गई। ईदगाहों और मस्जिदों में लोगों का हुजूम पहुंचा। जिन्हें जगह मिली उन्होंने वहीं नमाज अदा की और जिन्हें जगह नहीं मिल पाई उन्होंने दूसरी मस्जिद और ईदगाह का रुख किया। नमाज के बाद घरों के साथ ही चिह्नित तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर पैगंबर हजरत इब्राहीम व पैगंबर हजरत इस्माइल की कुर्बानी को याद करते हुए बकराें के साथ बड़े जानवरों की परंपरा के अनुसार कुर्बानी दी गई। सूरज डूबने तक यह सिलसिला चलता रहा।
सेंवइयों से सजे दस्तरख्वान ईद-उल-अजहा की खुशियों में चार-चांद लगाने में महिलाएं दिलो जान से लगी रहीं। रात से ही पकवानों का सामान तैयार करने का सिलसिला शुरू हो गया। सेंवइयाें के साथ दस्तरख्वान की रौनक बढ़ाने के लिए मटर, दही बड़ा आदि तैयार किए गए। दोपहर से दावत का दौर शुरू हुआ जो पूरे दिन तक चलता रहा।
तकरीर में उलमा ने की कुर्बानी पर चर्चा
बकरीद की नमाज से पहले ईदगाहों और मस्जिदों में तकरीर भी हुई। ईदगाह मुबारक खां शहीद नार्मल में मौलाना फैजुल्लाह कादरी ने कहा कि कुर्बानी करते वक्त हमारी नियत होनी चाहिए कि अल्लाह हमसे राजी हो जाए। सुब्हानिया जामा मस्जिद तकिया कवलदह में मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी ने पैगंबर हजरत इब्राहीम और हजरत इस्माईल का वक्या सुनाया। गाजी मस्जिद गाजी रौजा में मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी, मरकजी मदीना मस्जिद रेती में मुफ्ती मेराज अहमद कादरी, मुकीम शाह जामा मस्जिद बुलाकीपुर में मौलाना मोहम्मद फिरोज निजामी आदि ने बकरीद से जुड़ी तकरीर की।
काबा शरीफ का गिलाफ व कदम रसूल की कराई जियारत
जाफरा बाजार स्थित सब्जपोश हाउस मस्जिद में बाद नमाज ईद-उल-अजहा मुसलमानों के मुकद्दस शहर मक्का में स्थित काबा शरीफ का गिलाफ, पैगंबर ए हजरत मोहम्मद साहब के कदमों का निशान व बगदाद स्थित हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी के मजार की ईंट की जियारत कराई गई।
पुष्पगुच्छ देकर दी मुबारकबाद
इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी ने बकरीद के मौके पर इमामबाड़ा इस्टेट के सज्जादानशीन अदनान फर्रुख अली शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पुष्पगुच्छ देकर उनको ईद-उल-अजहा की बधाई दी। इस मौके पर मियां साहब ने लोगों से अपील की कि कुर्बानी के दौरान सभी इस बात का ध्यान रखें कि किसी को भी उनकी वजह से तकलीफ न हो। मुलाकात करने वालों में कमेटी के अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शकील शाही, महासचिव सोहराब खान के साथ युवा कवि व समाजसेवी मिन्नत गोरखपुरी मौजूद रहे।