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Gorakhpur News: तपती गर्मी में ट्रेन लेट होने से यात्रियों का बुरा हाल, ठंडे पानी का संकट

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गोरखपुर। लू और गर्म हवा के थपेड़ों के बीच ट्रेन के लेट होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्यास से बेहाल ये यात्री स्टेशन पहुंच रहे हैं तो वहां ठंडा पानी भी नहीं मिल पा रहा है। इससे उनकी यात्रा और तकलीफदेह हो जा रही है। सोमवार को ट्रेनों के लेट होने के चलते मुस्लिम समाज के कई लोग समय से घर नहीं पहुंचे, जिससे उनके घर कुर्बानी टालनी पड़ी।
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रेल लाइनों को अपग्रेड करने के लिए चल रहे अधिकांश काम चुनाव बाद शुरू हो गए हैं। इसके चलते हर जोन में कहीं न कहीं रूट ब्लॉक है। प्रमुख रूटों की ट्रेन भी डायवर्ट कर चलाई जा रही है। इसका असर ट्रेनों की औसत गति पर पड़ रहा है। ट्रेन लेट होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सत्याग्रह एक्सप्रेस रविवार को आनंदनगर से ही करीब दो घंटे की देरी से रवाना हुई। गोरखपुर आते-आते यह ट्रेन छह घंटे लेट हो चुकी थी। पंजाब से बिहार के बीच चलने वाली अमृतसर जन साधारण तो अपने निर्धारित समय से करीब 12 घंटे की देरी से चल रही थी। मुंबई से गोरखपुर के बीच चलने वाली समर स्पेशल भी लगभग पौने आठ घंटे लेट थी। सबसे अधिक दिक्कत तो बाघ एक्सप्रेस ट्रेन के यात्रियों को हो रही है। इस ट्रेन में कभी यात्रियों की भीड़ कम ही नहीं होती। सोमवार को यह ट्रेन जैसे ही स्टेशन पर पहुंची, अंदर के यात्री बाहर निकलने के लिए जोर लगाने लगे तो वहीं बाहर वाले अंदर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। जनरल कोच के सामने खड़े सुरेश सिंह, विरझन, महंगू आदि ने बताया कि कोच के अंदर इतनी गर्मी हो रही है कि सांस लेना मुश्किल हो जा रहा है।
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ट्रेन लेट होने की वजह से नहीं कर पाए कुर्बानी
सोमवार को मुंबई से आए कुशीनगर के रहमत अली ने बताया कि मुंबई-गोरखपुर समर स्पेशल ट्रेन से बकरीद के लिए चले थे। उम्मीद थी कि ट्रेन सोमवार की भोर में ही गोरखपुर पहुंच जाएगी। वहां से सुबह तक घर पहुंच जाएंगे। लेकिन ट्रेन करीब सात घंटे की देरी से आई। इस वजह से घर-घर पहुंचते शाम हो गई। अब बकरीद की कुर्बानी मंगलवार को करेंगे। रहमत जैसे ही तमाम और यात्री भी ट्रेनों के लेट चलने की वजह से समय से घर नहीं पहुंच पाए। यात्री खुर्शेद आलम ने बताया कि बकरीद की नमाज एक साथ मस्जिदों में पढ़ने का रिवाज है। जो लोग मजबूरी में नहीं पहुंच पाए, उनकी दुआ भी कुबूल होती है। चूंकि कुर्बानी तीन दिन तक चलती है, इसलिए जो लोग किसी कारणवश पहले दिन कुर्बानी नहीं दे पाए वे अगले दिन फर्ज को पूरा करेंगे।
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मांग के अनुसार वाटर कूलर से नहीं मिल रहा ठंडा पानी


गोरखपुर। रेलवे ने स्टेशन पर यात्रियों को सस्ते दर पर ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए 12 वाटर एटीएम लगाए गए हैं। यहां गिलास, अपने बोतल या सीलबंद बोतल का पानी सस्ते दर पर मिलता है। 25 लीटर का केन 5 रुपये में रिफिल कर सकते हैं। प्रत्येक वाटर एटीएम की क्षमता 300 लीटर की है। लेकिन, पानी की डिमांड इतनी है कि ये वाटर एटीएम डिमांड के मुताबिक पानी ठंडा ही नहीं कर पा रहे हैं। प्लेटफार्म नंबर दो पर लगे वाटर एटीएम से दोपहर में जो पानी यात्रियों को दिया जा रहा था, वह ठंडा नहीं था। एक यात्री ने प्रतिरोध किया तो वेंडर ने बताया कि पानी ठंडा होने के लिए कम से कम आधे घंटे का वक्त चाहिए। यहां टंकी भरते ही खाली हो जाती है। सभी प्लेटफार्म पर नि:शुल्क वाटर कूलर भी लगाए गए हैं, लेकिन प्लेटफार्म नंबर 6 के एक वॉटर कूलर को छोड़कर अधिकांश से सामान्य पानी ही निकल रहा था।

चैंबर ऑफ टेक्सटाइल्स ने बंटवाया पानी
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर गर्मी से बेहाल रेल यात्रियों की सुविधा के लिए चैंबर ऑफ टेक्सटाइल्स की तरफ से तीन ट्रेनाें में करीब 1200 बोतल ठंडा पानी बंटवाया। स्टेशन निदेशक जेपी सिंह ने यात्रियों को बताया कि स्टेशन पर भी यात्रियों की सुविधा के लिए वोटर एटीएम के अलावा वाटर कूलर भी लगाए गए हैं। सामाजिक संगठन भी यात्रियों की सुविधा के लिए ठंडे पानी का वितरण कर रहे हैं। चैंबर ऑफ टेक्सटाइल्स के अध्यक्ष मनीष और महामंत्री संजय अग्रवाल ने बताया कि इस भीषण गर्मी में अन्य कोच के लोग पानी आसानी से पा जाते हैं, लेकिन जनरल कोच के यात्रियों को दिक्कत होती है। इसे देखते हुए पानी का वितरण किया गया है।
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