संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिले में क्रय केंद्रों से खरीदे गए धान को कूटने के लिए 36 राइस मिलों का चयन किया गया है। कुछ और मिलरों ने इसके लिए आवेदन किया है। उनका सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद उन मिलों को भी क्रय केंद्रों से संबद्ध किया जाएगा।
धान की खरीद क्रय केंद्रों के माध्यम से बड़े पैमाने पर होती है। उस धान की कुटाई के लिए मिलों को नामित किया जाता है। पिछले साल की तुलना में तीनगुना हुई धान की खरीद
पिछले साल पूरे मंडल में 8 नवंबर तक पांच हजार मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। इस साल उसी तारीख में 1506 एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। खरीद के 48 घंटे बाद किसानों का पैसा उनके खाते में चला जा रहा है।
ढुलाई वाले वाहनों पर लगा रहेगा जीपीएस
क्रय केंद्रों पर खरीदे गए धान की ढुलाई के लिए जिस ट्रांसपोर्टर को लगाया जाएगा उसका भी टेंडर किया गया है। शर्त होगी कि उसी ठेकेदार के वाहन ढुलाई के लिए लगाए जाएंगे जिसके वाहन में जीपीएस लगा होगा। किस मिल से चावल लेकर कब गाड़ी निकली और कहां जा रही है, कहां तक पहुंची एक-एक पल की जानकारी जीपीएस के माध्यम से होती रहेगी।
कोट
पिछले साल की तुलना में इस साल अब तक तीन गुना धान की खरीद की जा चुकी है। गोरखपुर में धान की कुटाई के लिए 36 मिलों का सत्यापन हो गया है। उन मिलों पर क्रय केंद्रों से धान जाएगा। केंद्रों से धान की ढुलाई के लिए जो वाहन लगाए जाएंगे उसमें जीपीएस लगा रहेगा।
- संजीव कुमार, आरएमओ