कोरोना संक्रमण की संख्या कम होने के साथ ही मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता भी कम हो गई है। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने उद्योगों में ऑक्सीजन गैस के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार कुल ऑक्सीजन का 10 प्रतिशत अन्य आवश्यक दवा आदि से संबंधित उद्योगों एवं महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। इससे गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) की फैक्ट्रियों को इसका लाभ मिलेगा।
वर्तमान समय में ऑक्सीजन को सीधे सिलिंडर में भरकर मेडिकल संस्थानों, अस्पतालों एवं जरूरत वाले होम आइसोलेशन वाले मरीजों को आपूर्ति की जाती थी। वहीं अब प्रदेश सरकार ने आवश्यक दवाओं से संबंधित उद्योगों एवं महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में अनुमति दे दी है।
दरअसल, औद्योगिक ऑक्सीजन गैस का इस्तेमाल लोहे की कटिंग करने वाले उद्योगों में होता है। गोरखपुर में गैलेंट इस्पात में यहां के ऑक्सीजन प्लांटों के ऑक्सीजन की ज्यादा खपत थी, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान अभी हाल में ही गैलेंट इस्पात इंडस्ट्रीज ने खुद ही ऑक्सीजन प्लांट लगा लिया है। गीडा के अन्य उद्योग जैसे टैंकर निर्माण, ड्रम निर्माण, लोहे के उत्पाद तैयार करने वाली इंडस्ट्रीज समेत तकरीबन 50 फैक्ट्रियों में ऑक्सीजन गैस का इस्तेमाल होता है।
आरके ऑक्सीजन के निदेशक अजय जायसवाल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 10 प्रतिशत ऑक्सीजन अन्य आवश्यक दवा संबंधित उद्योगों एवं महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। इससे आवश्यक सेवाओं वाले उद्योगों में इसका इस्तेमाल हो सकेगा। हालांकि अभी सरकार ने केवल ऑक्सीजन गैस निर्माण करने वाले प्लांट को अनुमति दी है।