घर से दुकान के लिए निकलते हैं, तो रेलवे क्रॉसिंग बंद रहती है। कभी कभी एक साथ तीन तीन ट्रेनें गुजरती हैं, जिससे आधे घंटे तक गेट खुलने का इंतज़ार करना पड़ता है।
: आदित्य जायसवाल उर्फ पवन, मुंडेरा बाजार
तीन वर्ष में भी नहीं पूरा होगा काम
रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज का निर्माण इसी महीने में पूरा होना है, मगर काम अभी 32 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। अगर इसी गति से निर्माण होता रहा तो तीन वर्ष में भी काम पूरा नही होगा।
: भुवनपति निराला, व्यापारी नेता चौरीचौरा।
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समय की बर्बादी होती है
बार-बार रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से व्यापारियों को काफी दिक्कत होती है। जब भी सामान बेचने के लिए बाजार में जाओ तो गेट बंद ही मिलता है। जिससे समय की बर्बादी होती है।
: विक्की व्यापारी, दुकानदार, चौरीचौरा।
समय बीतने के साथ बढ़ रही मायूसी
ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ तो यहां के लोग खुश थे कि जाम से मुक्ति मिलने जा रही है। मगर ओवरब्रिज का निर्माण तय समय पर पूरा होता न देख अब मायूसी छा रही है।
: नवरत्न मद्देशिया चौरीचौरा।
जगतबेला-डोमिनगढ़ रेलवे स्टेशन और कैंट स्टेशन के पास रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाने के लिए सर्वे करके डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) मुख्यालय भेज दी गई है। लेकिन, शासन से स्वीकृति के इंतजार में दोनों पुलों की फाइलें अटकी पड़ीं हैं। जगतबेला-डोमिनगढ़ स्टेशन के पास प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज से कालेसर जंगल कौड़िया और मानीराम -माधोपुर तटबंध होते हुए गोरखपुर-सोनौली मार्ग को जोड़ा जाना है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि 22 सितंबर 2018 को एक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां पर आरओबी का सर्वे करने और डीपीआर बनाने को कहा था। ब्रिज कारपोरेशन ने डीपीआर बनाकर भेजा है, उसके अनुसार 600 मीटर लंबे उस पुल के निर्माण पर 4890.30 लाख की लागत आएगी। इसी प्रकार, कैंट रेलवे स्टेशन के पास लगभग 600 मीटर की लंबाई में आरओबी का निर्माण कराया जाना है। ब्रिज कारपोरेशन ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है।ब्रिज कारपोरेशन के परियोजना प्रबंधक एके सिंह दोनों पुलों का सर्वे कराया जा चुका है। जिस दिन पुल निर्माण कराने के लिए कहा जाएगा उस दिन काम शुरू करा देंगे।