कोरोना वायरस पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार ने अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं 31 मार्च तक बंद कर दी है। आदेश आते ही अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं ठप कर दी गई। जिससे अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसर गया। अब सिर्फ इमरजेंसी की ओपीडी ही चलेगी। इमरजेंसी के ओपीडी में उसी मरीज का इलाज होगा जो गंभीर बीमारी से पीड़ित होंगे।
कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लोग सतर्कता बरत रहे है। जिला अस्पताल समेत सीएचसी पीएचसी पर रोजाना मरीजों की भीड़ लगी रहती है। इसमें बुखार, सर्दी जुकाम, खांसी आदि के भी मरीज रहते हैं। इन मरीजों को भीड़ से हटाने के लिए सरकार ने जिला अस्पताल समेत सीएचसी पीएचसी की जनरल ओपीडी को 31 मार्च तक स्थगित कर दिया है।
सिर्फ इमरजेंसी ओपीडी ही चलाने का निर्देश दिया है, ताकि अगर कोई संक्रमित आता है तो उस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इमरजेंसी ओपीडी में बैठे चिकित्सक व अन्य कर्मी पूरी तरह से आइसोलेट होंगे। मास्क व अन्य जरूरी सामग्री अपने पास रखेंगे। इमरजेंसी में वही मरीज देखे जाएंगे जो गंभीर बीमारी से पीड़ित होंगे।
जिला अस्पताल के ओपीडी में शनिवार को पूरी तरह से सन्नाटा रहा। इसी के साथ ही सीएचसी नाथनगर, मलौली, सेमरियावां, मेंहदावल, सांथा अस्पतालों के ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से बंद रही। इस संबंध में सीएमओ डॉ हरगोविंद सिंह ने बताया कि अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं 31 मार्च तक स्थगित कर दी गई है। जैसा आदेश आएगा आगे की कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील है कि अगर कोई गंभीर बीमारी है तो ही अस्पताल आए। भीड़ भाड़ से बचकर रहे।