गोरखपुर विश्वविद्यालय में पहली बार स्नातक की कक्षाओं में चार पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए ऑनलाइन परीक्षा कराई जाएगी। इस वर्ष बीबीए, बीसीए, बीएससी (कृषि) एवं एकीकृत 5 वर्षीय एलएलबी की प्रवेश परीक्षा को ऑनलाइन कराने पर प्रवेश समिति ने अपनी मुहर लगा दी है।
वहीं पिछले वर्ष की तरह ही सीटों के आरक्षण का निर्धारण करने पर सहमति बनी। कुलपति प्रो. विजय कृष्ण सिंह की अध्यक्षता में प्रवेश समिति की बैठक बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई। बैठक में प्रवेश को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सबसे अहम निर्णय ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा को लेकर हुआ। सदस्यों ने परास्नातक की तरह स्नातक की कक्षाओं में प्रवेश के लिए ऑनलाइन परीक्षा कराने पर जोर दिया।
लेकिन सभी विषयों की परीक्षा कराने के लिए ऑनलाइन सेंटर कम होने का मुद्दा सामने आया। इसके बाद तय किया गया कि अभी बीबीए, बीसीए, बीएससी (कृषि) एवं एकीकृत 5 वर्षीय एलएलबी की प्रवेश परीक्षा कराई जाए। शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों की निर्धारित सीटों पर प्रवेश में आरक्षण संबंधी प्रावधानों पर चर्चा हुई।
निर्णय लिया गया कि पूर्व के नियमानुसार ही प्रवेश में आरक्षित सीटों का निर्धारण किया जाएगा। यदि राज्य सरकार का अन्य कोई आरक्षण संबंधी निर्देश आएगा तो उस पर समिति विचार करेगी। पिछले वर्ष की तरह एजेंसी के माध्यम से ही ऑनलाइन परीक्षा कराई जाएगी।
कुलपति प्रो. विजय कृष्ण सिंह ने कहा कि कोरोना संकट काल के कारण प्रभावित हो रहे शैक्षिक कैलेंडर को नियमित करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। पढ़ाई, परीक्षा और प्रवेश में आ रही समस्या का निवारण होगा। यथासंभव ऑनलाइन विकल्प पर जोर दिया जाएगा।
बैठक में समस्त प्रवेश समन्वयक प्रो. राजवंत राव, प्रवेश समन्वयक ऑनलाइन प्रो. विजय कुमार, प्रो. सुधीर कुमार श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी प्रो. अजय कुमार शुक्ला, प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा, नियंता प्रो. प्रदीप कुमार यादव, कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश, परीक्षा नियंत्रक डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह, सभी अधिष्ठाता उपस्थित रहे।