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थाने की पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद तो ऑनलाइन दर्ज कराई शिकायत, मैरिज लॉन में शख्स को मारी गई थी गोली

Sat, 28 Nov 2020 04:15 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसीस, सहजनवां (गोरखपुर)।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गीडा इलाके के जिगिना स्थित मैरिज लॉन में सिकरीगंज के महुई निवासी राणा प्रताप सिंह को गोली मारने के मामले में अभी तक पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है। शुक्रवार को भी घायल की पत्नी व परिजन सहजनवां और गीडा थाने का चक्कर लगाते रहे। थक हारकर परिजनों ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
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परिजनों का आरोप है कि गीडा थानेदार ने तहरीर ही नहीं ली। बोले कि पहले इलाज करा लो फिर आना तो कार्रवाई होगी। लापरवाही का आलम यह है कि सहजनवां पुलिस मौके पर गई, वहां कारतूस का खोखा और बीयर के दो कैन भी बरामद किए, फिर भी मामला गीडा थाने से जुडे़ होने का हवाला देकर हाथ पर हाथ धरे बैठ गई।

उधर, गीडा पुलिस अभी तक तहरीर नहीं मिलने की बात की दुहाई दे रही है। जबकि परिजन कह रहे हैं कि पुलिस ने ही तहरीर नहीं ली। कानून कहता है कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस जांच कर कार्रवाई करे। पर, इस मामले में पहले तो पुलिस ने यह कहा कि सूचना विलंब से मिली, अब गीडा पुलिस कह रही है कि उसे तहरीर मिली ही नहीं है।
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यह हुई थी घटना

सिकरीगंज के महुई निवासी राणा प्रताप सिंह दिहाड़ी पर गाड़ी चलाते हैं। उनके दोस्त उरुवा के टाड़ी निवासी गौरव सिंह की शादी 25 नवंबर को थी। राणा प्रताप बरातियों को लेकर अपने मित्र उरुवा के राजीव मिश्रा की गाड़ी से गीडा के जिगिना स्थित मैरेज लॉन में आए थे। बुधवार की रात वह पार्किंग में खड़ी गाड़ी में ही सोए थे।

इस दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें दो गोली मार दी थी। एक गोली दाएं कंधे के पास लगी और दूसरी गोली गर्दन में फंस गई थी। उन्हें लोगों ने जिला अस्पताल भिजवाया, जहां से डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। गुरुवार को घायल की पत्नी पुष्पा सिंह ने सहजनवां पुलिस को तहरीर दी थी। इस संबंध में गीडा थानेदार इंस्पेक्टर सुनील राय ने कहा कि अभी तक उन्हें तहरीर नहीं मिली है। घटना की जानकारी होने पर हलका दरोगा को भेजा था। अभी केस दर्ज नहीं किया गया है।
 
शराब पीने को लेकर तो नहीं मारी गई गोली
ग्रामीणों के अनुसार, जिस गाड़ी में राणा प्रताप को गोली मारी गई थी, उसके पास ही बीयर के दो केन पड़े थे। गाड़ी का शीशा तोड़ा गया था। गाड़ी पर गोली चलने के निशान नहीं मिले। जिससे पता चलता है कि राणा प्रताप से गाड़ी के बाहर ही विवाद हुआ होगा और उन्हें गोली भी बाहर ही मारी गई होगी।

आशंका जताई जा रही है कि शराब पीने को लेकर कुछ विवाद हुआ होगा जिसके बाद गोली मार दी गई। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि सोने को लेकर विवाद हुआ था जिसके बाद गोली मारी गई। उधर, परिजनों का कहना है कि राणा प्रताप ने बताया कि वह हमलावरों को पहचानते नहीं हैं। इसलिए अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई थी।
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बीआरडी के डॉक्टरों ने गले में फंसी गोली को निकालकर बचाई जान

स्थानीय पुलिस का कहना है कि तहरीर ही नहीं मिली है। परिजनों के आरोपों की जांच कराई जा रही है। जांच की जा रही है। मुकदमा अवश्य दर्ज कराया जाएगा। जांच में लापरवाही मिली तो पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।- अरविंद पांडेय, एसपी नार्थ

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने शुक्रवार को सिकरीगंज निवासी राणा प्रताप के गर्दन में फंसी गोली निकालकर उनकी जान बचा ली। मेडिकल कॉलेज में नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएन सिंह और डॉ. वर्तिका तिवारी की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया। इसके पूर्व राणा प्रताप के एक्स-रे से पता चला कि गोली सीधे गले में जाकर अटक गई है।

इसके बाद एनेस्थीसिया के डॉ. सुहास और डॉ. अभय की मौजूदगी में डॉ. पीएन सिंह और डॉ. वर्तिका ने ऑपरेशन करते हुए गोली को निकाल दिया। गोली निकाले जाने के बाद मरीज की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर गोली समय से नहीं निकाली जाती तो मरीज की जान जा सकती थी। सही समय पर इलाज के कारण मरीज की जान बच गई।
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