पिछले दिनों एसटीएफ और गोरखपुर पुलिस ने महादेव सट्टेबाजी एप और दूसरे ऑनलाइन बेटिंग एप संचालन करने वालों की गिरफ्तारी की थी। इसके बाद सटोरिए अब नए-नए नाम वाले ऑनलाइन सट्टा एप पर रोजाना शहर से लेकर विदेश तक करोड़ों रुपये का सट्टा लगवा रहे हैं। इन एप के लिए आईडी-पासवर्ज मात्र 100 रुपये में बन जा रहे हैं। इस पर लाखों का दांव लगाकर कई लोग बर्बाद हो चुके हैं, फिर भी लोग चेत नहीं रहे हैं।
रातों-रात रईस बनाने का लालच देकर पहले गली-मुहल्लों में सट्टा लगवाया जाता था। अब धंधेबाजों ने अलग-अलग नंबर के व्हाट्सएप ग्रुप में मौजूद सट्टेबाजी में रुचि रखने वालों के नंबर जोड़ रखे हैं। महादेव एप की तरह अंबानी सट्टा बुक, रेड्डी अन्ना एप, एमडी 140 जैसे एक दर्जनभर से अधिक एप की आईडी का संचालन हो रहा है।
व्हाट्सएप ग्रुपों पर ऐसे नंबर जोड़कर सट्टेबाजी की जा रही
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इस आईडी (व्हाट्सएप ग्रुप) में नंबर भेजने के बाद सदस्यता की औपचारिकता लेनी होती है। केवल 100 रुपये में पासवर्ड-आईडी लेकर ऑनलाइन सट्टेबाजी की जा रही है। सट्टेबाजी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि शहर में कई मोबाइल नंबरों पर महादेव सट्टा एप की आईडी बेची जा रही है।
लीका क्लब, महादेव 30 ( 92383865..) महादेव ( 88882088..) सट्टा( 93732185..) नंबरों पर ऑनलाइन सट्टे की आईडी बेची जा रही है। सूत्रों ने बताया कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के व्हाट्सएप ग्रुपों में दुबई से लेकर देश के विभिन्न शहरों के नंबर से लोग जुड़े रहते हैं। जिन ऑनलाइन सट्टा एप और वेबसाइट्स के डोमेन को प्रतिबंधित कर दिया गया है, उसकी जगह सट्टेबाजों ने नया डोमेन शुरू कर लिया है।
इतना ही नहीं, जिस पैटर्न पर पहले ऑनलाइन बेटिंग (सट्टेबाजी) की जाती थी, अब भी उसी पैटर्न पर काम हो रहा है। हालांकि, पेमेंट डिपाजिट और क्रेडिट करने का पैटर्न एप में कुछ बदला है। सट्टेबाज 100 रुपये से लेकर लाखों रुपये ऑनलाइन डिपाजिट राशि लेकर आईडी दे रहे हैं।
इसमें शहर कई चर्चित नाम भी हैं। इनके रसूख और नाम के प्रभाव से अन्य लोग भी धंधे में फंसते जा रहे हैं। पिछले दिनों एसटीएफ ने महादेव एप के जरिए ऑनलाइन एप से धोखाधड़ी करने और सट्टेबाजी करने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया था।
व्हाट्सएप ग्रुप संचालन करने वाला ब्रांच ऐसे ही खेल भेजता है, ऑनलाइन किया गया पंजीकरण
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एसटीएफ ने जांच में पाया कि गिरफ्तार अभियुक्त लंबे समय से ब्रांच संचालक के तौर पर अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सएप प्लेटफाॅर्म तैयार करवा आईडी और पासवर्ड के बाद फुटबॉल, टेनिस, हॉर्स राइडिंग, इलेक्शन, तीन पत्ती, कैरम, लूडो, क्रिकेट व अन्य खेलों में ऑनलाइन जुआ खिलाकर युवाओं के संग करोड़ों रुपयों की ठगी कर रहा है।
जांच में सामने आया कि था कि फर्जी एप और वेबसाइट गोरखपुर की आईपी एड्रेस पर बनाई गई थी। शहर के कुछ मोबाइल दुकानदार और सिम बेचने वाले भी इनके साथ धंधेबाजी में जुड़े हैं। बैंक रोड, गोलघर के कुछ स्टोर के अलावा बशारतपुर के स्टोर से करीब 1300 कूटरचित आईडी पर सिम खरीदे गए थे।
इन्हीं नंबरों से व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म तैयार कर लोगों को जोड़ा गया था। देवरिया के भी एक मोबाइल के दुकानदार का नाम आया था, जहां से 100 से ज्यादा सिम लखनऊ और वहां से दुबई भेजे गए थे।
Online Scam
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10 से 15 लाख रुपये में एक ब्रांच
सूत्रों ने बताया कि ऑनलाइन सट्टेबाजी एप में ब्रांच खोलने के लिए 10 से 15 लाख रुपये देने पड़ते हैं। इसमें ब्रांच संचालक आईडी बनाता है और पासवर्ड जारी करता है। इसके अलावा जिस गेम में रुपये लगाने होते हैं, उसके लिए ग्रुप पर प्लेटफार्म ब्रांच संचालक बनाता है।
प्रत्येक निवेश और मुनाफे पर ब्रांच संचालक को 20 से 35 प्रतिशत तक कमीशन मिलता है। इस कमीशन के खेल से प्रतिदिन लाखों रुपये ग्रुप संचालक कमा रहे हैं। ऐसे कुछ संचालकों पर जांच एजेंसी की नजर है। सूत्रों ने बताया कि ब्रांच लेने वाले खिलाड़ी को ढूंढने की जरूरत नहीं है। हर ब्रांच के साथ अलग-अलग खिलाड़ी भी मिलते हैं। ब्रांच का काम उन्हीं खिलाड़ियों को संभालने का होता है।
गिरफ्तारी तो हुई, लेकिन मास्टरमाइंड नहीं पकड़े गए
एसटीएफ ने पिछले दिनों कुशीनगर के दो आरोपियों की गिरफ्तारी की थी। इनके बयान के आधार पर कुछ नाम सामने आए थे। इसमें गिरफ्तार किए गए आरोपी का एक रिश्तेदार है, जो दुबई से ही इसका संचालन करता है। इस रिश्तेदार के करीबी भी गोरखपुर से दुबई जाकर उसी के साथ होटल और अन्य व्यापार में जुड़ गए हैं। इनमें कुछ गोलघर की दुकान में किए गए धोखे के आरोपी के साथ भी जुड़े हैं।
ऑनलाइन धोखाधड़ी
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ये कुछ मामले, जो हाल के दिनों में सामने आए
गोलघर के एक मोबाइल व्यापारी ने करीब 7 लाख रुपये सट्टेबाजी में लगा दिया। उसे झांसा दिया गया था कि ऑनलाइन क्रिप्टो में रुपये लगाकर प्रतिमाह मोटा मुनाफा होगा। दो से तीन महीने तो उसने मुनाफा दिया, लेकिन फिर अचानक से गायब हो गया।
व्यापारी ने इसकी आईजीआरएस पर शिकायत की। पिछले दिन आरोपित के पास पुलिस चौकी से फोन भी आया था। पीड़ित व्यापारी का कहना है कि उनकी शिकायत का समाधान नहीं किया गया और आईजीआरएस पर शिकायत निस्तारण की रिपोर्ट भेज दी गई।
रुस्तमपुर के एक युवक ने महादेव एप और अन्य ऑनलाइन सट्टेबाजी के चक्कर में अपना और रिश्तेदारों का लाखों रुपये फंसा दिया। जान-पहचान के लोगों से भी उसने मोटी रकम उधार पर ले ली। सट्टेबाजी में लगातार हारने के बाद उसने रुपये वापस करने के लिए जालसाजी कर दी।
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गोलघर के बलदेव प्लाजा में उसने अपनी दुकान का एक हिस्सा पहले बेचा फिर दूसरे पर लोन करवा लिया और उस हिस्से को भी बेचकर फिर से सट्टेबाजी में लगा दी। जिसे दुकान का आधा हिस्सा बेचा था, उसे ही पूरी दुकान बैनामा कर दिया। बाद में पता चला कि इस दुकान पर बैंक से लोन है। केस दर्ज होने के बाद युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया है।
ऑनलाइन एप ट्रेडिंग के नाम पर सट्टेबाजों के एक गिरोह ने एक युवक को झांसे में लेकर एक लाख रुपये से अधिक ठग लिए। सट्टेबाज जीतेंद्र ट्रेड एप जीकेपी नाम से व्हाट्सएप पर ऑनलाइन सट्टेबाजी में रुपये लगाए जाने का संदेश भेजते रहते थे।
मैसेज कर रुपये दोगुना करने का झांसा देते थे। ठगे जाने के बाद पीड़ित ने कैंट थाने में केस दर्ज कराया है। आरोप लगाया है कि इनका पूरा गैंग है, जो ऐसे ही झांसे में लेकर लोगों के रुपये ठग लेते हैं। विरोध करने पर ये गोलबंद होकर मारपीट भी करते हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई
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एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि पिछले दिनों ऐसे ही रेडी अन्ना और अन्य एप से ऑनलाइन बेटिंग कर सट्टेबाजी की जा रही थी। टीम ने गिरफ्तारी की था। अगर किसी के पास इससे जुड़ी सूचनाएं हों तो पुलिस से संपर्क कर सकते हैं। नाम और पहचान को गोपनीय रखा जाएगा। पुलिस जांच कर कार्रवाई करेगी।