‘जलसा-ए-मिलादुन्नबी’ का दूसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। कुरआन-ए-पाक में हर चीज का इल्म है। कुरआन-ए-पाक इब्तिदा-ए-इस्लाम से आज तक वैसा ही है जैसा नाजिल हुआ था और हमेशा वैसा ही रहेगा। अब न कोई पैगंबर पैदा होने वाला है और न कोई किताब आने वाली है। जो कुरआन पर विश्वास न करे वह मुसलमान नहीं है।
ये बातें मंगलवार को अक्सा मस्जिद शाहिदाबाद हुमायूंपुर उत्तरी में आयोजित जलसा-ए-मिलादुन्नबी के दूसरे दिन मौलाना तफज्जुल हुसैन रजवी ने कहीं। अंत में सलातोसलाम पढ़कर अमनोअमान की दुआ मांगी गई। महफिल में हाफिज अजीम अहमद नूरी, मो. सिद्दीक, मो. शाहरुख, मो. हुसैन, तनवीर अहमद, मो. आरिफ, मुहर्रम अली, हम्माद रजा, साहिल रजा, मो. आजम, मो. कैफ, हाफिज मो. आरिफ, बरकत हुसैन आदि मौजूद रहे।
जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी 23 को
गाजी रौजा स्थित आइडियल मैरेज हाउस में शनिवार को रात आठ बजे से जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम संयोजक हाफिज अयाज अहमद व हाजी उबैद अहमद खान ने बताया कि मुख्य अतिथि बिलग्राम शरीफ के सज्जादानशीन पीरे तरीकत अल्लामा सैयद उवैस मुस्तफा वास्ती व अल जामियतुल अशरफिया मुबारकपुर के मुफ्ती सदरुलवरा होंगे।