जुमे के दिन नमाज के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में पथराव को देखते हुए गोरखपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी है। चिलुआताल पुलिस ने एक युवक को सोशल मीडिया पर जुमे की नमाज के दिन रैली निकालने की अपील करने के आरोप में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। इसी के साथ साइबर टीम को सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए लगाया गया है। खबर है कि 261 संदिग्ध लोगों की साइबर टीम निगरानी कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर पुलिस ने बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण तरीके से निपटा लिया है। लेकिन, उसी दिन एक बुर्का धारी महिला ने कैंट इलाके में कार में आग लगा दी थी। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन बड़ी साजिश की आशंका की बात सामने आई है। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। यही वजह है कि अगले शुक्त्रस्वार को होने वाली
जुमे की नमाज को सकुशल संपन्न कराने के लिए अभी से तैयारी शुरु कर दी है। संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस अधिकारी ड्रोन से निगरानी व फ्लैग मार्च कर रहे हैं। नुपूर शर्मा प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों की निगरानी शुरु कर दी गई। दो दिन में साइबर सेल के अलावा एसएसपी की मीडिया सेल ने शहरी क्षेत्र में रहने वाले ऐसे लोगों को चिन्हित किया है, जिन्होंने अपने फेसबुक, ट्वीटर व इंस्टाग्राम एकाउंट से माहौल गरम करने वाले पोस्ट शेयर किए हैं।
इन लोगों की निगरानी करने के साथ ही मैसेज भेजकर पुलिस ने पोस्ट डिलीट करने की चेतावनी दी है। निगरानी के बीच चिलुआताल के करीमनगर मोहल्ले में रहने वाले युवक ने 17 जून को जुमे की नमाज के बाद रैली निकालने की अपील करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया था, उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी डॉ विपिन ताड़ा ने बताया कि पुलिस पूरी तरह से सतर्क है। पिछली बार भी पुलिस को सभी समुदायों से सहयोग मिला था। अराजक तत्वों की निगरानी की जा रही है, सख्त कार्रवाई की जाएगी।