गोरखपुर। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के छात्रों की पढ़ाई की खातिर तकरीबन तीन साल पहले मोहरीपुर (नरखा) निवासी 76 वर्षीय राम बुझारत ने देहदान का संकल्प लिया था। बुधवार को उनका निधन होने पर बेटों ने पिता की अंतिम इच्छा का सम्मान रखते हुए मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कालेज के एनाटाॅमी विभाग को सौंप दिए।
एनाटाॅमी विभागध्यक्ष डॉ. बिंदू सिंह ने बताया कि राम बुझारत ने 21 जून 2023 को देहदान संबंधी घोषणा पत्र भरकर अपनी इच्छा व्यक्त की थी। 17 जून को उनके निधन के बाद उनके पुत्र शत्रुघ्न प्रसाद, विद्यासागर व अन्य स्वजन ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए एनाटाॅमी विभाग को सूचना दी।
विभाग की टीम ने उनके पार्थिव शरीर को विधिवत स्वीकार कर चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं मानव शरीर रचना के अध्ययन के लिए देहदान की प्रक्रिया पूरी की। परिजन ने बताया कि राम बुझारत देहदान के महत्व को अच्छी तरह समझते थे और उन्होंने जीवनकाल में ही अपने पुत्रों से मृत्यु के बाद देहदान कराने की इच्छा जताई थी।
प्राचार्य डा. धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि उनके देहदान से कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं मानव शरीर रचना विज्ञान के अध्ययन को नई दिशा मिलेगी। अब तक 174 लोगों ने देहदान के लिए घोषणा पत्र भरा है। 10 व्यक्तियों के पार्थिव शरीर काॅलेज को प्राप्त हो चुके हैं।