सीएम तक पहुंचने वाली जमीन विवाद की शिकायतों पर रोक लगाने के लिए डीएम ने नई पहल की है। इसके लिए लेखपालों को सभी गांवों के भूमि विवाद रजिस्टर बनाने और थाना स्तर पर इसका निस्तारण कराने के निर्देश दिए हैं। इसकी मॉनिटरिंग डीएम खुद करेंगे। स्थानीय स्तर पर इन शिकायतों का निस्तारण नहीं होने पर फरियादी सीएम के जनता दर्शन कार्यक्रम तक पहुंचते हैं और वहां अधिकारी उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं।
ऐसे ही मामले में फरियादियों को न रोक पाने पर हाटा एसडीएम ने कानूनगो और तीन लेखपालों पर कार्रवाई की थी। जानकारी होने पर डीएम ने कार्रवाई का आदेश निरस्त कर दिया और सुधार के लिए नई व्यवस्था बनाई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब गोरखपुर आते हैं तो मंडल के अन्य जिलों के लोग भी अपनी फरियाद लेकर पहुंचते हैं। इसके लिए जिलों से भी तहसीलदार, राजस्कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है, ताकि शिकायतकर्ता के वास्तविक मामलों की जानकारी हो सके। 22 जून को हाटा तहसील के नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह, कानूनगो व तीन लेखपालों की ड्यूटी लगी थी।
इसके बावजूद हाटा तहसील के फरियादियों ने सीएम से मिलकर शिकायत की। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई तो खुद के बचाव में नायब तहसीलदार ने कानूनगो, लेखपाल पर फरियादियों को सीएम तक जाने से नहीं रोकने को गलत बताते हुए रिपोर्ट दे दी।
इस पर हाटा एसडीएम योगेश्वर सिंह ने कानूनगो को प्रतिकूल प्रविष्ट और लेखपालों का वेतन रोकते हुए जांच का आदेश दिया। लेखपाल संगठन के पदाधिकारियों ने सोमवार को डीएम से मिलकर इसकी शिकायत की। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए और इस आदेश को निरस्त करा दिया।
तहसील प्रशासन की लापरवाही के चलते सीएम तक पहुंचने वाली जमीन विवाद की शिकायतों के निस्तारण और रोक लगाने के लिए डीएम ने नई पहल शुरू की है। जिले के सभी गांवों का भूमि विवाद रजिस्टर लेखपाल बनाएंगे। इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी और थाने स्तर पर इसका समाधान कराया जाएगा। इससे काफी हद तक जमीन विवाद के मामले में लोगों को राहत मिलेगी और जिम्मेदारों की मनमानी पर रोक लगेगी।
डीएम कुशीनगर महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि भूमि विवाद रजिस्टर बनाने के लिए आदेश जारी किया गया है। इस रजिस्टर में गांवों के जमीन संबंधी विवाद दर्ज होंगे और उनकी मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे राजस्वकर्मी या कोई भी जिम्मेदार मनमानी नहीं कर सकेगा। स्थानीय स्तर पर निस्तारण होने पर लोगों को सीएम या अन्य उच्चाधिकारियों तक जाने की जरूरत नहीं होगी। थाने स्तर पर जमीन के विवादों का निस्तारण भूमि विवाद रजिस्टर की मदद से कराई जाएगी।
सभी लेखपालों को राजस्व ग्राम वार भूमि विवाद रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। उसके बाद प्रशासन-पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर सभी स्थानीय स्तर की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय स्तर पे ही समाधान करवाने की योजना है। इससे लोगों को अपनी समस्याओं को लेकर तहसील, जनपद के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी: महेंद्र सिंह तंवर, डीएम कुशीनगर