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Gorakhpur News: नए साल पर मिलावटी केक और मिठाई धंधेबाज बनाएंगे...सतर्क नहीं रहे तो बीमार हो जाएंगे

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आंत और लिवर को खराब कर देगा मिलावटी छेना और केक
- नववर्ष के मौके पर करीब 15 क्विंटल केक का अनुमान
- ग्रामीण इलाकों में धड़ल्ले से खपाया जाता है मिलावटी केक
- डॉक्टरों का कहना- लंबे समय तक सेवन से लिवर, आंतों और पाचन तंत्र को पहुंच सकता है गंभीर नुकसान

अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नए साल पर केक और मिठाइयां खरीदने के पहले उसकी गुणवत्ता पर जरूर ध्यान दें। घर पर बनी या प्रमाणित दुकानों की मिठाइयों को ही प्राथमिकता देना चाहिए, ताकि सेहत सुरक्षित रह सके। धंधेबाज छेना, क्रीम और केक के नाम पर मिलावटी व केमिकल युक्त सामग्री बेच रहे हैं। नववर्ष के मौके पर करीब 15 क्विंटल केक की खपत का अनुमान है। ऐसे में बाजार में बिक रही मिलावटी मिठाइयों और बेकरी के खराब उत्पादों से सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इनका लंबे समय तक सेवन करने से लिवर, आंतों और पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने प्रशासन के सहयोग से सिकरीगंज क्षेत्र में स्थित एबी बेकर्स के गोदाम पर छापा मारा था। इस दौरान बड़ी मात्रा में मिलावटी क्रीम बरामद की गई। प्राथमिक जांच में सामने आया कि क्रीम को सिंथेटिक दूध, रिफाइंड और केमिकल के मिश्रण से तैयार किया गया था। जांच में टाइटेनियम ऑक्साइड जैसे केमिकल के इस्तेमाल की भी पुष्टि हुई है, जिसे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है। इसी मिलावटी क्रीम का प्रयोग केक बनाने में किया जा रहा था। विभागीय टीम ने मौके पर मौजूद सभी केक नष्ट करा दिए।
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खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाजार में बिकने वाले छेना, क्रीम और केक में बड़े पैमाने पर सिंथेटिक दूध और रिफाइंड का इस्तेमाल हो रहा है। सस्ता उत्पादन और अधिक मुनाफा कमाने के लिए कई दुकानदार प्राकृतिक दूध की जगह केमिकल से तैयार दूध का उपयोग कर रहे हैं। इससे तैयार छेना देखने में अधिक सफेद, चमकीला और आकर्षक होता है, जिस कारण ग्राहक आसानी से इसकी ओर आकर्षित हो जाते हैं।
बाजार सूत्रों के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में भी मिलावटी केक और मिठाइयों की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में उपलब्ध अत्यधिक सफेद या चमकदार दिखने वाला छेना अक्सर मिलावटी होता है। इसी छेना से बनी मिठाइयां देखने में भले ही आकर्षक लगें, लेकिन सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह हो सकती हैं।


पाचन तंत्र के लिए है नुकसानदेह
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एमडी मेडिसिन डॉ. राजकिशोर सिंह ने बताया कि मिलावटी छेना और केक में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, सिंथेटिक दूध और रिफाइंड पाचन तंत्र के लिए बेहद नुकसानदेह होते हैं। ऐसे पदार्थों का नियमित सेवन करने से गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और दस्त की समस्या आम हो जाती है। लंबे समय तक सेवन करने पर ये तत्व लीवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिससे फैटी लिवर और उसके फंक्शन में गड़बड़ी हो सकती है। कई मामलों में आंतों की कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है। बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर जल्दी दिखाई देता है। इसलिए लोगों को अत्यधिक चमकदार और सस्ती मिठाइयों से बचना चाहिए और केवल भरोसेमंद दुकानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदने चाहिए।
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फूड पॉइजनिंग की हो सकती है समस्या
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि आजकल बेकरी उत्पादों और मिठाइयों में मिलावट एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। केक और क्रीम में मौजूद केमिकल शरीर में जाकर विषैले प्रभाव डालते हैं। इनके सेवन से फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि लंबे समय तक ऐसे उत्पाद खाए जाएं तो लीवर और आंतों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, इसलिए उनके लिए यह और अधिक खतरनाक है। त्योहारों के समय संयम बरतना बेहद जरूरी है। घर पर बनी या प्रमाणित दुकानों की मिठाइयों को ही प्राथमिकता देना चाहिए, ताकि सेहत सुरक्षित रह सके।
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