फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: दो मार्च की रात होलिका दहन, रंगभरी होली चार मार्च को- होलिका दहन के लिए रात का ये समय शुभ

Thu, 19 Feb 2026 02:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर

सार

हालांकि भद्रा के पुंछ काल को शुभ बताया गया है। इस वर्ष भद्रा का पुंछ भाग रात्रि 12:50 बजे से रात 2:02 बजे तक रहेगा। यही एक घंटा 12 मिनट का समय होलिका दहन के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त माना गया है। तीन मार्च को पूर्णिमा होने से स्नान-दान का विशेष महत्व रहेगा। पंडित विकास मालवीय ने बताया कि होली चैत्र कृष्ण प्रतिपदा में मनाने की परंपरा के अनुसार रंगभरी होली चार मार्च को मनाई जाएगी।
विज्ञापन
होलिका दहन - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस बार होलिका दहन दो मार्च को व रंग भरी होली चार मार्च को मनाई जाएगी। तीन को स्नान-दान की पूर्णिमा होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, होलिका पूजन और दहन पूर्णिमा तिथि में भद्रा रहित समय में रात्रि में किया जाता है। इस वर्ष पूर्णिमा तिथि में भद्रा का वास होने से विशेष स्थिति बन रही है।

विज्ञापन


भद्रा दो मार्च को शाम 5:18 बजे से आरंभ होकर तीन मार्च सुबह 4:56 बजे तक रहेगी। ऐसे में पूरी रात भद्रा और पूर्णिमा दोनों का संयोग रहेगा। गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वेद विभागाध्यक्ष डॉ. रंगनाथ त्रिपाठी ने बताया कि शास्त्रों में भद्रा के समय होलिका दहन वर्जित माना गया है। 

विज्ञापन

हालांकि भद्रा के पुंछ काल को शुभ बताया गया है। इस वर्ष भद्रा का पुंछ भाग रात्रि 12:50 बजे से रात 2:02 बजे तक रहेगा। यही एक घंटा 12 मिनट का समय होलिका दहन के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त माना गया है। तीन मार्च को पूर्णिमा होने से स्नान-दान का विशेष महत्व रहेगा।

पंडित विकास मालवीय ने बताया कि होली चैत्र कृष्ण प्रतिपदा में मनाने की परंपरा के अनुसार रंगभरी होली चार मार्च को मनाई जाएगी। शास्त्रों में यह भी उल्लेख है कि प्रतिपदा, चतुर्दशी अथवा दिन के समय होलिका दहन नहीं किया जाता। इसलिए श्रद्धालुओं को निर्धारित रात्रि मुहूर्त में ही पूजन और दहन करने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें