गोरखपुर। कैंट के सिंघड़िया स्थित मॉडल शॉप के पास अस्पताल मैनेजर पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने अंशिका सिंह के एक और साथी हिस्ट्रीशीटर शिवम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार दोपहर बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। मुख्य आरोपी अंशिका सिंह,अर्जुन वर्मा, बंटी वर्मा पहले से जेल में है। शिवम पुलिस की पकड़ से दूर था। पकड़ा गया आरोपी गैंगस्टर बंटी वर्मा का दाहिना हाथ है।
बता दें कि, घटना 20 जनवरी की है। सूबा बाजार निवासी विशाल मिश्रा से हरपुर बुदहट की रहने वाली अंशिका सिंह ने रंगदारी मांगी थी। रुपये न देने पर उसने अपने साथियों अर्जुन वर्मा और बंटी वर्मा के साथ मिलकर सिंघड़ियां मॉडल साहब के पास विशाल को निशाना बनाकर फायरिंग कर दी। गोली विशाल के चालक जंगल सिकरी निवासी अमिताभ निषाद को जा लगी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से विशाल मिश्रा ने अंशिका सिंह को पिस्टल के साथ पकड़ लिया और कैंट थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या की कोशिश सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया था। वहीं, घटना में शामिल देवरिया के बरहज वार्ड नंबर-23 निवासी अर्जुन वर्मा फरार चल रहा था। कैंट थाना पुलिस ने उसे भी जेल भिजवा दिया था। अब देवरिया के मदनपुर थाना क्षेत्र के भदीला निवासी व हिस्ट्रीशीटर शिवम सिंह भी पकड़ा गया है।
इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि आरोपी अपने थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। उस पर आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी प्रभारी नवीन राय, राजू यादव आदि शामिल रहे।
वीडियो कॉल करके जाल में फंसाती थी अंशिका
इंस्टाग्राम के जरिये दोस्ती करने के बाद अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा वीडियो कॉल करके पुलिसकर्मियों और व्यापारियों को अपने जाल में फंसाती थी। बाद में दुष्कर्म का प्राथमिकी दर्ज कराने की धमकी देकर धनउगाही करती थी। अयोध्या में तैनात रहे सीओ सहित शहर में तैनात 15 पुलिसकर्मी उसके जाल में फंसे थे, जिसकी जांच चल रही है।
इस संबंध में सीओ कैंट अरुण कुमार यश ने बताया कि वारदात में वांछित चल रहे एक और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया है। अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।